गाजियाबाद-जेवर आरआरटीएस कॉरिडोर की डीपीआर का काम जारी, नोएडा हवाई अड्डे तक यात्रा समय होगा कम
रंजन
- 08 Jul 2026, 07:24 PM
- Updated: 07:24 PM
(श्रुति भारद्वाज)
नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक जाने वाले यात्रियों को जल्द ही तेज सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिल सकता है, क्योंकि प्रस्तावित 72.44 किलोमीटर लंबे नमो भारत गाजियाबाद-जेवर कॉरिडोर का काम विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के चरण में पहुंच गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने यह जानकारी दी।
गोयल ने 'पीटीआई-भाषा' के साथ एक साक्षात्कार में कहा, ''गाजियाबाद-जेवर और नोएडा-फरीदाबाद-गुरुग्राम कॉरिडोर फिलहाल डीपीआर चरण में हैं।''
नमो भारत गाजियाबाद-जेवर कॉरिडोर का प्रस्तावित मार्ग गाजियाबाद से शुरू होकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (वाईईआईडीए) सिटी से होते हुए जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर समाप्त होगा। यह कॉरिडोर उन क्षेत्रों से होकर गुजरेगा जहां तेजी से शहरी और आर्थिक विकास हो रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि इस कॉरिडोर में 12 स्टेशन और मार्ग के उत्तरी एवं दक्षिणी छोर पर दो डिपो होंगे। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे की योजना इस तरह बनाई गई है कि ट्रेनों का सुचारू संचालन हो सके और दिल्ली-एनसीआर के शहरों तथा आगामी हवाई अड्डे के बीच बढ़ती यात्री आवाजाही को संभाला जा सके।
यह कॉरिडोर चौथा नमो भारत क्षेत्रीय त्वरित परिवहन कॉरिडोर होगा और इसकी अनुमानित लागत करीब 20,640 करोड़ रुपये है। इस परियोजना का उद्देश्य प्रमुख आवासीय, वाणिज्यिक और आगामी बुनियादी ढांचा केंद्रों को जोड़कर एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन संपर्क को मजबूत करना है।
उन्होंने बताया कि कॉरिडोर को अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए डिजाइन किया जाएगा और इससे गाजियाबाद, नोएडा तथा जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच यात्रा समय घटकर करीब 40 से 50 मिनट रह जाने की उम्मीद है, जिससे यात्रियों की दैनिक आवाजाही आसान होगी।
प्रस्तावित कॉरिडोर के स्टेशनों में गाजियाबाद, गाजियाबाद दक्षिण, ग्रेटर नोएडा वेस्ट-सेक्टर चार, ग्रेटर नोएडा वेस्ट-सेक्टर दो, नॉलेज पार्क पांच, सूरजपुर, परी चौक, इकोटेक छह, दनकौर, वाईईआईडीए नॉर्थ-सेक्टर 18, वाईईआईडीए सेंट्रल-सेक्टर 21 और जेवर एयरपोर्ट शामिल हैं।
गोयल ने कहा कि परी चौक स्टेशन नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के साथ इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध कराएगा, जिससे यात्रियों को नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वाईईआईडीए सेंट्रल-सेक्टर 21 स्टेशन आगामी नोएडा फिल्म सिटी क्षेत्र के लिए भी संपर्क उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने बताया कि यह कॉरिडोर मौजूदा दिल्ली मेट्रो नेटवर्क से भी जुड़ा होगा। उन्होंने कहा कि यात्री रेड लाइन मेट्रो के जरिए गाजियाबाद नमो भारत स्टेशन पहुंचकर क्षेत्रीय त्वरित परिवहन नेटवर्क का उपयोग कर सकेंगे, जिससे दिल्ली और हवाई अड्डा कॉरिडोर के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित होगा।
गोयल ने कहा कि नोएडा-फरीदाबाद-गुरुग्राम को जोड़ने वाला एक अन्य प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर भी वर्तमान में डीपीआर चरण में है। उन्होंने कहा कि कई अन्य राज्य भी बढ़ते शहरीकरण और परिवहन जरूरतों को देखते हुए इसी तरह की क्षेत्रीय त्वरित परिवहन प्रणालियों की व्यवहार्यता का अध्ययन कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि दो अन्य प्राथमिकता वाले नमो भारत कॉरिडोर-दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-एसएनबी-अलवर-को केंद्र सरकार से जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मंजूरी के बाद परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन के लिए प्रारंभिक गतिविधियां शुरू कर दी गई हैं।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक कार्यों में भू-तकनीकी जांच, उपयोगिता मानचित्रण तथा एकस्ट्रा हाई टेंशन (ईएचटी) बिजली लाइनों और पानी की पाइपलाइन जैसी उपयोगिताओं को स्थानांतरित करना या उनमें बदलाव करना शामिल है।
गोयल ने कहा कि इन उपायों से देरी कम करने और निर्माण शुरू होने के बाद कॉरिडोर के सुचारू क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत के नवीनतम आर्थिक सर्वेक्षण में देशभर में करीब 2,900 किलोमीटर लंबे नमो भारत कॉरिडोर विकसित किए जाने की संभावनाओं को रेखांकित किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे नेटवर्क क्षेत्रीय संपर्क सुधारने और तेजी से विकसित हो रहे शहरी केंद्रों को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
भाषा अमित रंजन
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