भाजपा ने बीआरएस सरकार के दौरान फोन टैपिंग के आरोपों की सीबीआई से जांच कराने की मांग की
गोला पवनेश
- 06 Apr 2024, 07:19 PM
- Updated: 07:19 PM
हैदराबाद, छह अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को तेलंगाना के राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन से पूर्ववर्ती भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार के दौरान कथित फोन टैपिंग की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने का अनुरोध किया।
भाजपा ने राज्यपाल से केंद्रीय गृह मंत्रालय को अवगत कराने के लिए राज्य सरकार से एक रिपोर्ट मांगने की अपील की, क्योंकि यह मामला दोनों सरकारों के समवर्ती क्षेत्राधिकार और निर्वाचन आयोग के दायरे में आता है, ‘‘इसलिए पूरी तरह से सीबीआई जांच की आवश्यकता है।’’
सांसद के. लक्ष्मण की अगुवाई में भाजपा प्रतिनिधिमंडल द्वारा राज्यपाल को सौंपे एक ज्ञापन में पार्टी ने कहा कि जब से तेलंगाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है, तो उन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की कथित गवाही के बारे में सार्वजनिक रूप से सबूत सामने आते रहे हैं ‘‘जिन्होंने इस पूरे अभियान की साजिश रची थी।’’
भाजपा ने कहा कि अभी तक सहायक पुलिस आयुक्त और पुलिस उपायुक्त पद के चार वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है।
उसने कहा, ‘‘सार्वजनिक रूप से सामने आ रहे तथ्य निश्चित ही बहुत गंभीर हैं, एक ओर वे राष्ट्र की सुरक्षा के बारे में गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं और दूसरी ओर व्यक्तियों की सुरक्षा और स्वतंत्रता का उल्लंघन करते हैं। राज्य-प्रायोजित मशीनरी द्वारा निजी जीवन में इस तरह की जानबूझकर और शरारती घुसपैठ हानिकारक होने के अलावा अभूतपूर्व है।’’
भाजपा ने कहा कि मीडिया में आयी खबरों और पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकियों से यह सामने आया कि 2018 के विधानसभा चुनाव, 2019 के लोकसभा चुनाव और उसके बाद हुए राज्य में उपचुनावों के दौरान इनमें से कुछ पुलिस अधिकारियों ने विपक्षी दलों के टेलीफोन टैप कराए।
पार्टी ने कहा कि यह भी सामने आया है कि उन्होंने विपक्षी दलों की राजनीतिक रणनीतियों का पता लगाने के लिए वरिष्ठ नेताओं के फोन पर नजर रखी।
भाजपा ने मीडिया में आयी खबरों और प्राथमिकियों के हवाले से ज्ञापन में कहा, ‘‘दरअसल, ये सब बीआरएस के वरिष्ठ नेताओं की इशारे और सक्रिय मिलीभगत पर हुआ था, जिनमें मंत्री और खुद मुख्यमंत्री भी शामिल थे।’’
फोन टैपिंग और कुछ कम्प्यूटर प्रणालियां तथा आधिकारिक डेटा नष्ट करने के मामले के संबंध में अभी तक चार पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है।
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी राम राव ने बुधवार को कहा कि उनका पूर्ववर्ती बीआरएस सरकार के दौरान कथित फोन टैपिंग से कुछ लेना-देना नहीं है।
भाषा गोला