आरएसएस के नाम का दुरुपयोग कर पार्टी के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहा है एक संगठन, भाजपा ने की शिकायत
ब्रजेन्द्र माधव वैभव
- 08 Apr 2024, 09:22 PM
- Updated: 09:22 PM
नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं से जुड़ा एक संगठन लोकसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ दल के खिलाफ दुष्प्रचार करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नाम का दुरुपयोग कर रहा है।
पार्टी ने निर्वाचन आयोग में इसकी शिकायत करते हुए 'कड़ी कार्रवाई' की मांग की। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, मीडिया विभाग के सह प्रभारी संजय मयूख और ओम पाठक समेत पार्टी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से संपर्क किया और इस संबंध में एक शिकायत देकर इस 'फर्जी' संगठन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और कांग्रेस को नोटिस जारी करने की मांग की।
इस आरोप पर कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि संगठन भ्रम पैदा करने के लिए गैरकानूनी तरीके से आरएसएस के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है जबकि उच्चतम न्यायालय ने भी उसका पंजीकरण खारिज कर दिया है।
सिंह ने निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, "भ्रम पैदा करने और देश के लोगों को गुमराह करने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी के इशारे पर आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के नाम पर एक फर्जी संगठन तैयार किया गया है।" उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के सेवा दल प्रमुख इस 'फर्जी' संगठन की अगुवाई कर रहे हैं।
सिंह ने कहा कि संगठन लोगों तक पहुंच रहा है और उनसे कह रहा है कि उन्हें भाजपा की हार सुनिश्चित करनी चाहिए। सिंह ने आरोप लगाया, "आरएसएस का नाम इस्तेमाल कर यह संगठन उसी विमर्श को आगे बढ़ा रहा है जिसे राहुल गांधी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वे 'एक्स' पर 'संविधान खतरे में है', 'भाजपा का 400 पार का नारा एक भ्रम है' और ‘भाजपा को हराना होगा' जैसे पोस्ट कर रहे हैं।
सिंह ने कहा कि कांग्रेस के लोग उन्हें दोबारा पोस्ट कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमने आयोग से उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और ऐसे लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह किया। उनके सोशल मीडिया पोस्ट को भी हटाया जाना चाहिए।"
सिंह ने कहा कि भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से इस मामले में कांग्रेस को नोटिस जारी करने का भी आग्रह किया ताकि इस तरह के 'फर्जी संगठनों' और सोशल मीडिया पोस्ट को भ्रम पैदा करने और चुनाव के दौरान लोगों को गुमराह करने के लिए प्रचारित नहीं किया जा सके।
उन्होंने कहा, "यह आदर्श आचार संहिता का घोर उल्लंघन है। हमने निर्वाचन आयोग से सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।"
भाषा ब्रजेन्द्र माधव