भाजपा ने कश्मीरी पंडितों की पीड़ा को वोट के लिए ‘हथियार’ के रूप में इस्तेमाल किया : महबूबा
राजकुमार मनीषा
- 09 Apr 2024, 05:46 PM
- Updated: 05:46 PM
(फाइल फोटो के साथ)
श्रीनगर, नौ अप्रैल (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कश्मीरी पंडित समुदाय की पीड़ा एवं उनके दुख-दर्द को देशभर में वोट पाने के लिए ‘हथियार’ के रूप में इस्तेमाल किया।
महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा ने कश्मीरी पंडितों को न केवल वोट बैंक के रूप में बल्कि हथियार के रूप में भी इस्तेमाल किया। उसने कश्मीरी पंडितों की पीड़ा को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया और फिर उस हथियार का इस्तेमाल दूसरों के वोट हासिल करने में किया।’’
उन्होंने अपने एक कश्मीरी पंडित मित्र परिवार की शोकसभा में संवाददाताओं से कहा, ‘‘पंडित समुदाय के अपने इतने वोट नहीं हैं, लेकिन भाजपा ने उनके वास्ते कुछ किये बिना ही, उनकी पीड़ा और दुख-दर्द का इस्तेमाल किया तथा वह उनके नाम पर वोट हासिल करने निकल पड़ी।’’
पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जब से भाजपा नीत केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में प्रत्यक्ष रूप से प्रशासन चलाने लगी है तब से ‘‘ वे कश्मीरी पंडित भी चले गये जो यहां रहा करते थे क्योंकि स्थिति ही ऐसी हो गयी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘देश में क्या हो रहा है... जिस तरह हमारे समुदाय के लोगों की भीड़ द्वारा पिटाई की जाती है, उनकी हत्या कर दी जाती है, उन्हें मारा जाता है, हमारी मस्जिदों और मदरसों को गिराया जाता है, घरों को तोड़ा जाता है। हमारे देश के लोग, हमारे हिंदू भाई धर्मनिरपेक्ष हैं। वे इसमें यकीन नहीं करते हैं, यह उनके लिए सीख है कि यहां कई पंडित बड़े मुश्किल समय में भी रहते हैं तथा मुसलमान एवं हिंदू यहां उसी तरह रहने को तैयार हैं जिस तरह वे रहा करते थे।’’
घाटी में कश्मीरी पंडितों की वापसी की चर्चा करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इस समुदाय को किसी सरकार की मदद की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे कश्मीरी पंडित भाई-बहन जम्मू या अन्य जगह पर बड़ी मुश्किल स्थितियों में रह रहे हैं, मैं समझती हूं कि उन्हें यहां बसने के लिए किसी से मदद की जरूरत नहीं है--- वह चाहे भाजपा की सरकार हो या महबूबा मुफ्ती की या किसी अन्य की। कश्मीर के लोग चाहते हैं कि कश्मीरी पंडित लौटें।’’
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी संवेदना व्यक्त करने के लिए उस परिवार के घर गये। दोनों ने यह कहते हुए संवाददाताओं से बातचीत करने से मना कर दिया कि यह शोक की स्थिति है।
भाषा
राजकुमार