असम : सीएए अधिसूचना के खिलाफ विपक्षी दल, भाजपा ने किया स्वागत
जितेंद्र रंजन
- 11 Mar 2024, 07:56 PM
- Updated: 07:56 PM
गुवाहाटी, 11 मार्च (भाषा) असम में विपक्षी दलों ने सोमवार को विवादास्पद संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) 2019 को लागू करने के लिए केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की आलोचना की।
सीएए के लागू होने से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के बिना दस्तावेज वाले गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता देने का मार्ग प्रशस्त हो गया। ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) ने कहा कि वह केंद्र के इस कदम के खिलाफ कानूनी रूप से लड़ाई लड़ेगा।
आसू ने 1979 में अवैध प्रवासियों की पहचान और निर्वासन की मांग को लेकर छह वर्षों तक आंदोलन किया था।
असम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता देबब्रत सैकिया ने सीएए की अधिसूचना को 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया।
सैकिया ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा 2016 से कह रहे थे कि अवैध रूप से रह रहे सभी विदेशियों को असम छोड़ना होगा लेकिन सीएए लाकर उन्होंने राज्य के लोगों को धोखा दिया है।''
उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रधानमंत्री और भाजपा को असम की जनता को जवाब देना होगा।
रायजोर दल के अध्यक्ष और विधायक अखिल गोगोई ने कहा, ''असम में अवैध रूप से रह रहे 15 से 20 लाख बांग्लादेशी हिंदुओं को वैध बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सड़क पर आकर इस असंवैधानिक कृत्य के खिलाफ विरोध करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।''
केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा संशोधित नागरिकता अधिनियम को लागू करने के कदम को लेकर असम और पूर्वोत्तर के कई अन्य राज्यों में विरोध देखा गया था।
गोगोई ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''यह असम और पूरे देश पर दिल्ली द्वारा किया गया हमला है। हम सभी से बाहर आने और इस कानून के खिलाफ शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताने की अपील करते हैं।''
आसू और नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन के मुख्य सलाहकार समुज्जल भट्टाचार्य ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा कि 'आसू' सीएए को स्वीकार नहीं करेगा और इसके खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगा।
उन्होंने कहा, ''हम पहले से ही अपने वकीलों के साथ बातचीत कर रहे हैं और इसके कार्यान्वयन के खिलाफ अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।''
इस बीच भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता रूपम गोस्वामी ने सीएए की अधिसूचना जारी किये जाने का स्वागत करते हुए कहा कि यह बहुप्रतीक्षित था।
गोस्वामी ने कहा, ''विपक्ष ने झूठी जानकारी फैलाने वाला अभियान चलाया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि संसद में कानून पारित होने के बाद बांग्लादेश से करोड़ों हिंदू असम में प्रवेश करेंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।''
भाषा जितेंद्र