केरल में एक परिचित की मां से प्रियंका गांधी ने की आत्मीयता के साथ बातचीत
देवेंद्र सुरेश
- 20 Apr 2024, 11:08 PM
- Updated: 11:08 PM
पथनमथिट्टा (केरल), 20 अप्रैल (भाषा) केरल में चुनाव प्रचार अभियान के लिए गईं कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा का शनिवार को उस वक्त एक अलग अंदाज देखने को मिला जब उन्होंने 93 वर्षीय एक महिला से बड़ी ही आत्मीयता के साथ बातचीत की और उन्होंने बुजुर्ग महिला को दिल्ली स्थित अपने आवास पर आमंत्रित किया।
बुजुर्ग महिला प्रियंका की बहुत बड़ी प्रशंसक हैं और उनकी बेटी कांग्रेस नेता की करीबी परिचित है।
उन्होंने केरल में अपने व्यस्त चुनाव प्रचार अभियान के बीच कुछ मिनट के लिए बुजुर्ग महिला से फोन पर बात की।
प्रियंका ने तीन जनसभाएं कीं और त्रिशूर, पथनमथिट्टा और तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने के वास्ते एक रोड शो किया।
पथनमथिट्टा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस नेता एंटो एंटनी ने इस बातचीत के दौरान अनुवादक की भूमिका निभाई।
बातचीत के एक ‘वीडियो क्लिप’ के अनुसार, गांधी ने बुजुर्ग महिला से कहा कि वह हमेशा उनकी बेटी से उनके बारे में सुनकर उनसे बात करना चाहती थी।
उन्होंने बुजुर्ग महिला के प्रति अपना प्यार और स्नेह भी जताया और कहा, ‘‘जब आप दिल्ली में रहें तो मुझसे मिलने आएं।’’
महिला ने जवाब में उत्साह के साथ कहा, ‘‘हम भी आपसे बहुत प्यार करते हैं।’’
बुजुर्ग महिला ने बताया कि उन्होंने निर्वाचन आयोग द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए दी गई सुविधा के जरिये अपना वोट डाला है।
महिला ने यह भी कहा कि वह 93 साल की हैं और एक बार फिर दिल्ली जाना चाहती हैं। उनकी बेटी राष्ट्रीय राजधानी में ‘इंटीरियर डिजाइनर’ है।
इसके साथ ही प्रियंका ने शनिवार को यहां एक चुनावी रैली में अपना भाषण कुछ देर के लिए रोककर एक दिव्यांग लड़के और उसकी मां को मंच पर आमंत्रित किया और बच्चे से बातचीत की।
कांग्रेस नेता पथनमथिट्टा लोकसभा क्षेत्र में एक रैली को संबोधित कर रही थीं और इसी दौरान उन्होंने व्हीलचेयर पर बैठे एक लड़के को देखा और उन्होंने तुरंत अपना भाषण रोका और लड़के तथा उसकी मां को मंच पर आमंत्रित किया।
प्रियंका ने लड़के से कहा, ‘‘यहां आओ, यहां आओ। आओ और यहां बैठो। आपका नाम क्या है?’’
इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने मां और बच्चे को बैरिकेड पार करने में मदद की और फिर उन्हें मंच पर ले गए, जहां उन्होंने लड़के से बातचीत की।
इसके बाद उन्होंने अपना भाषण फिर शुरू किया।
भाषा
देवेंद्र