रूस ने यूक्रेन में अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन किया : यूरोप की शीर्ष मानवाधिकार अदालत
एपी शफीक राजकुमार
- 09 Jul 2025, 11:28 PM
- Updated: 11:28 PM
द हेग, नौ जुलाई (एपी) यूरोप की शीर्ष मानवाधिकार अदालत ने बुधवार को अपने फैसले में कहा कि रूस ने यूक्रेन में अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन किया है।
इस अदालत ने 2014 में विमान ‘एमएच 17’ को मार गिराए जाने के लिए भी रूस को जिम्मेदार ठहराया।
यूक्रेन पर 2022 से जारी रूस के हमलों के बीच पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय अदालत ने मॉस्को को मानवाधिकारों के हनन के लिए जवाबदेह ठहराया है।
यह भी पहली बार है जब किसी अंतरराष्ट्रीय अदालत ने 2014 की विमान त्रासदी के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है, जिसमें 298 लोगों की जान चली गई थी।
यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय के न्यायाधीशों ने यूक्रेन और नीदरलैंड द्वारा रूस के विरुद्ध चलाये गये चार मामलों पर फैसला सुनाया है।
आरोपों में हत्या, यातना, बलात्कार, नागरिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करना, यूक्रेनी बच्चों का अपहरण और रूस समर्थित यूक्रेनी अलगाववादियों द्वारा मलेशियाई एयरलाइंस के यात्री जेट, फ्लाइट एमएच17 को मार गिराना शामिल है।
स्ट्रासबर्ग में खचाखच भरे न्यायालय कक्ष में फैसले पढ़ते हुए, न्यायाधीश मटियास ग्योमर ने कहा कि रूसी सेना ने यूक्रेन में हमले करके अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन किया है जिससे ‘‘हजारों नागरिक मारे गए और घायल हुए तथा भय एवं आतंक का माहौल पैदा हुआ।’’
न्यायाधीश ने कहा कि न्यायालय ने पाया कि मानवाधिकारों का हनन किसी भी सैन्य उद्देश्य से परे था और रूस ने यूक्रेन का मनोबल तोड़ने की रणनीति के तहत ‘‘यौन हिंसा’’ का इस्तेमाल किया।
ये फैसले काफी हद तक प्रतीकात्मक होंगे क्योंकि रूस का कहना है कि उसकी इसे अनदेखा करने की योजना है।
‘एमएच17’ विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार इस फैसले को ‘‘न्याय की खोज’’ में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानते हैं।
इस त्रासदी में अपने 18 वर्षीय बेटे क्विन को खोने वाले थॉमस शैंसमैन ने कहा, ‘‘अदालत का फैसला यह समझने की दिशा में एक बड़ा कदम है कि वास्तव में (विमान दुर्घटना के लिए) कौन जिम्मेदार था।’’
सत्रह जुलाई, 2014 को एम्स्टर्डम से कुआलालंपुर जा रहे बोइंग 777 विमान को रूस निर्मित बक मिसाइल से मार गिराया गया था, जिसे पूर्वी यूक्रेन के अलगाववादी विद्रोहियों के नियंत्रण वाले क्षेत्र से दागा गया था। विमान में सवार सभी 298 यात्री और चालक दल के सदस्य मारे गए, जिनमें नीदरलैंड के 196 नागरिक भी शामिल थे।
मई में, संयुक्त राष्ट्र की विमानन एजेंसी ने इस दुर्घटना के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया था।
एपी शफीक