तमिलनाडु पुलिस ने कोयंबटूर बम विस्फोट मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया, 29 साल से था फरार
पारुल वैभव
- 10 Jul 2025, 10:37 PM
- Updated: 10:37 PM
चेन्नई, 10 जुलाई (भाषा) तमिलनाडु पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने 1998 के कोयंबटूर बम विस्फोट मामले के मुख्य आरोपी सादिक को गिरफ्तार कर लिया है। इस विस्फोट में 58 लोग मारे गए थे और 250 अन्य घायल हुए थे।
सादिक तमिलनाडु में सांप्रदायिक हत्याओं से जुड़े मामलों में भी मुख्य आरोपी है। वह लगभग 29 साल से फरार था।
एटीएस ने आधिकारिक बयान में कहा कि विशिष्ट एवं विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकवाद निरोधक दस्ते और कोयंबटूर सिटी पुलिस की एक विशेष टीम ने सादिक को कर्नाटक के विजयपुरा जिले से गिरफ्तार कर लिया।
बयान के मुताबिक, कोयंबटूर निवासी सादिक ने कई उपनाम का इस्तेमाल किया, जिनमें राजा, दर्जी राजा, वलारंथा राजा, शाहजहां अब्दुल मजीद मकानदार और शाहजहां शेख शामिल हैं।
बयान में कहा गया है कि सादिक 1996 में कोयंबटूर में हुए पेट्रोल बम हमले, जिसमें जेल वार्डन बूपालन की मौत हो गई थी; 1996 में नागोर में हुए सईथा हत्याकांड और 1997 में मदुरै में हुई जेलर जयप्रकाश की हत्या से जुड़े मामले में भी आरोपी है।
एटीएस ने कहा, “आतंकवाद निरोधक दस्ते ने हाल के हफ्तों में कोयंबटूर सिटी पुलिस के साथ समन्वय करके भारत के सर्वाधिक वांछित आरोपी अबूबकर सिद्दीकी और मोहम्मद अली उर्फ यूनुस को आंध्र प्रदेश के अन्नामय्या जिले से गिरफ्तार किया था।”
उसने कहा, “कर्नाटक के विजयपुरा जिले से सादिक उर्फ टेलर राजा की गिरफ्तारी आतंकवाद से जुड़े मामलों में लंबे समय से फरार किसी आरोपी की तीसरी सफल गिरफ्तारी है।”
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने आतंकवाद निरोधी दस्ते और खुफिया अधिकारियों की सराहना की और कहा कि उन्होंने सादिक की गिरफ्तारी के लिए विशेष इकाई का मार्गदर्शन किया और ऐसा करके एक बार फिर साबित किया कि आंतरिक सुरक्षा के मामले में तमिलनाडु देश में सबसे आगे है।
स्टालिन ने कहा कि आतंकवाद विरोधी कार्यों पर विशेष ध्यान देने के लिए खुफिया शाखा के तहत एटीएस का गठन 2023 में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सत्ता में आने के बाद किया गया था।
उन्होंने कहा कि एटीएस ने अपने उत्कृष्ट कार्य के माध्यम से अबूबकर सिद्दीकी सहित तीन महत्वपूर्ण आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
स्टालिन ने कहा कि सिद्दीकी को पिछले 30 वर्षों के दौरान तमिलनाडु पुलिस, केंद्र सरकार की जांच एजेंसियां और पड़ोसी राज्यों के पुलिस विभाग गिरफ्तार नहीं कर सके थे।
उन्होंने तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी में सहयोग के लिए कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की पुलिस को धन्यवाद दिया।
भाषा पारुल