केरल में भाजपा राज्यसभा सदस्य पर 1994 में किए हमले के दोषियों को माकपा की विदाई पर बवाल
यासिर सुरेश
- 05 Aug 2025, 03:19 PM
- Updated: 03:19 PM
कन्नूर (केरल), पांच अगस्त (भाषा) केरल भाजपा के नेता एवं राज्यसभा सदस्य सी. सदानंदन मास्टर पर 1994 में हुए हमलों में शामिल सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के आठ कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक विदाई दिये जाने को लेकर सोमवार को विवाद पैदा हो गया।
पार्टी विधायक के. के. शैलजा की अगुआई में इन कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक विदाई दी गयी।
हाल ही में राज्यसभा के लिए मनोनीत मास्टर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ और ‘अफसोसजनक’ बताया।
उच्च न्यायालय ने 30 साल पुराने मामले में उन्हें दोषी ठहराया था, जिसके बाद वामपंथी कार्यकर्ताओं द्वारा दायर अपील को हाल ही में उच्चतम न्यायालय ने खारिज कर दिया।
दोषियों ने सोमवार को थालास्सेरी सत्र न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
मट्टनूर विधायक एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शैलजा के नेतृत्व में माकपा कार्यकर्ताओं ने पजहस्सी शहीद भवन से नारेबाजी करते हुए दोषियों को विदाई दी। बाद में इस कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
जेल ले जाने के लिए पुलिस वाहन में चढ़ने पर वामपंथी कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में नारेबाजी करते हुए कहा, ‘‘लाल सलाम कामरेड्स।’’
इसके बाद दोषियों को कन्नूर केंद्रीय कारागार में स्थानांतरित कर दिया गया।
बाद में पत्रकारों से बातचीत में मास्टर ने कहा कि अपनी-अपनी सजा भुगतने जा रहे दोषियों को विदाई देना और उनके समर्थन में नारे लगाना ‘पार्टी (माकपा) का निर्णय’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जहां से मैं संबद्ध हूं उसी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली विधायक शैलजा ने इसका (सार्वजनिक विदाई का) नेतृत्व किया। इससे जनता में बहुत गलत संदेश गया है।’’
मास्टर ने कहा, ‘‘आपराधिक मामलों में संलिप्त माकपा कार्यकर्ताओं के प्रति शैलजा का यह दृष्टिकोण उन्हें ऐसे और अधिक कृत्य करने के लिए प्रोत्साहित करता है और यह अत्यंत खेदजनक है।’’
माकपा नेतृत्व ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
राजनीतिक रूप से अस्थिर कन्नूर जिले में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता मास्टर राजनीतिक हिंसा के शिकार रहे हैं और 1994 में माकपा कार्यकर्ताओं द्वारा कथित रूप से किए गए हमले में उनके पैर कट गये थे।
भाषा यासिर