मणिपुर: लिंग परिवर्तन कराने वाले डॉक्टर को नये नाम के साथ प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश
सुरेश वैभव
- 19 Aug 2025, 06:49 PM
- Updated: 06:49 PM
इंफाल, 19 अगस्त (भाषा) मणिपुर उच्च न्यायालय ने राज्य चिकित्सा परिषद सहित सभी अधिकारियों को लिंग परिवर्तन सर्जरी कराने वाले एक डॉक्टर को नये नाम और लैंगिक पहचान के साथ नये शैक्षिक प्रमाणपत्र जारी करने का मंगलवार को निर्देश दिया।
जन्म से पुरुष, लेकिन ऑपरेशन के बाद महिला बन गई याचिकाकर्ता ने शिक्षा बोर्ड और विश्वविद्यालयों द्वारा नये नाम और लैंगिक पहचान के साथ नये प्रमाणपत्र प्रदान करने के उसके अनुरोध को स्वीकार न किये जाने के बाद अदालत का रुख किया था।
उसने अपनी नई पहचान के रूप में पहले ही आधार कार्ड, पैन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र प्राप्त कर लिया है।
न्यायमूर्ति ए. गुणेश्वर शर्मा की एकल पीठ ने 32-वर्षीय डॉ. बेयोन्सी लैशराम की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता जैविक रूप से पुरुष है और सभी प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों में उसका नाम 'बोबोई लैशराम' दर्ज है।
उसके कक्षा 10 और 12 के बोर्ड परीक्षा प्रमाणपत्रों, एमबीबीएस प्रमाणपत्र, चिकित्सा परिषद के साथ पंजीकरण और अन्य संबंधित दस्तावेजों में लैंगिक पहचान के तौर पर ‘पुरुष’ दर्ज है।
अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने आठ अक्टूबर, 2019 को लिंग परिवर्तन सर्जरी करवाई और अब महिला बन गई है।
पीठ ने आदेश में कहा, ‘‘इंफाल पश्चिम के जिला मजिस्ट्रेट ने पहले डॉ. बेयोन्सी लैशराम के नये नाम से एक ‘ट्रांसजेंडर’ पहचान पत्र जारी किया था, जिसके लिंग कॉलम में 'महिला' और जन्मतिथि आठ मार्च 1991 दर्ज थी।’’
पीठ ने कहा कि इसके बाद, उसके आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और पैन कार्ड में उसकी लैंगिक पहचान और नया नाम अपडेट कर दिया गया।
अदालत ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता ने मणिपुर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष, मणिपुर उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष और मणिपुर विश्वविद्यालय (एमयू) के रजिस्ट्रार से शिक्षा प्रमाणपत्रों पर लैंगिक पहचान ‘पुरुष’ के बजाय ‘महिला’ करने और नाम 'बोबोई लैशराम' बदलकर ‘बेयोन्सी लैशराम’ करने का अनुरोध किया था।’’
अदालत ने कहा कि हालांकि, किसी भी अधिकारी ने उनके अनुरोध को स्वीकार नहीं किया है।
पीठ ने प्रतिवादी बोर्ड, परिषदों और विश्वविद्यालय को ट्रांसजेंडर अधिनियम, 2019 और ट्रांसजेंडर नियम, 2020 के प्रावधानों के तहत एक महीने के भीतर याचिकाकर्ता के नये नाम और लैंगिक पहचान के साथ नये शिक्षा प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया।
अदालत के आदेश के अनुसार, मणिपुर के मुख्य सचिव सभी प्रतिष्ठानों को आवश्यक निर्देश जारी करेंगे।
भाषा सुरेश