महाराष्ट्र को वर्षा प्रभावित क्षेत्र घोषित करें, किसानों को आर्थिक सहायता दें: प्रदेश कांग्रेस
राजकुमार पारुल
- 20 Aug 2025, 05:05 PM
- Updated: 05:05 PM
मुंबई, 20 अगस्त (भाषा) पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाने के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार से राज्य को ‘वर्षा प्रभावित’ घोषित करने और पीड़ित किसानों को प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये की तत्काल सहायता प्रदान करने की अपील की है।
राजधानी मुंबई और उसके महानगरीय क्षेत्र समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बाढ़ के कारण सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है और फसलों को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।
फडणवीस को लिखे पत्र में सपकाल ने कहा कि हाल में हुई भारी बारिश के कारण बाढ़ का पानी खेतों में घुस गया है, जिससे खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा,‘‘अनुमान है कि राज्य में 15 लाख एकड़ से अधिक कृषि भूमि को भारी नुकसान हुआ है।’’
सपकाल ने कहा कि मराठवाड़ा, विदर्भ और पश्चिमी महाराष्ट्र के लगभग 17 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जबकि उत्तर महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्रों में भी भारी नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि ज्वार, बाजरा, उड़द, मक्का, सोयाबीन, मूंग, कपास, अरहर, फल और सब्जियों जैसी प्रमुख फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जबकि हजारों हेक्टेयर भूमि पर लगी गन्ने की फसल भी प्रभावित हुई है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि कुछ इलाकों में किसानों को पशुधन का नुकसान हुआ है, जबकि नांदेड़ जिले में कई लोगों की जान गई है।
सपकाल ने कहा, ‘‘पहले से ही परेशान किसान अब एक और प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहे हैं।’’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने फसल क्षति आकलन (पंचनामा) करने के आदेश जारी कर दिए हैं, लेकिन राज्य सरकार को संकट की इस घड़ी में सभी नियमों, शर्तों और प्रक्रियाओं को दरकिनार कर किसानों को तुरंत वित्तीय सहायता देने की जरूरत है।
उन्होंने यह भी मांग की कि जिन लोगों की जान गई है, उनके परिवारों को सहानुभूतिपूर्ण सहायता और राहत प्रदान की जाए।
मंगलवार को मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं को बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश से 12 से 14 लाख एकड़ क्षेत्र में फसलें बर्बाद हो गई हैं।
भाषा राजकुमार