थाईलैंड के नए प्रधानमंत्री के बारे में मुख्य बातें
एपी जितेंद्र नरेश
- 05 Sep 2025, 06:36 PM
- Updated: 06:36 PM
बैंकॉक, पांच सितंबर (एपी) थाईलैंड की संसद ने शुक्रवार को नए प्रधानमंत्री के रूप में अनुतिन चार्नविराकुल के नाम पर मुहर लगा दी।
एक बुद्धिमान व व्यावहारिक राजनेता के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले चार्नविराकुल को देश के राजनीतिक गतिरोध को दूर करने वाले नेता के तौर पर भी जाना जाता है।
उन्होंने थाईलैंड में भांग को अपराधमुक्त करने के एक सफल अभियान का नेतृत्व भी किया था जिसने उनकी लोकप्रियता में इजाफा किया।
चार्नविराकुल (58) की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को उनके परिवार की संपत्ति और थाईलैंड के उत्तर-पूर्वी इसान क्षेत्र में एक मजबूत क्षेत्रीय शक्ति का समर्थन प्राप्त है।
उत्तर-पूर्वी इसान क्षेत्र में चार्नविराकुल की भुमजैथाई पार्टी की विशाल ग्रामीण आबादी में गहरी पैठ है।
चार्नविराकुल का मुख्य कौशल थाईलैंड के ध्रुवीकृत राजनीतिक परिदृश्य में अहम भूमिका निभाने की क्षमता है।
थाईलैंड, दो दशकों से पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा के समर्थकों और राजशाही-सैन्य प्रतिष्ठान के बीच विभाजित रहा है।
चार्नविराकुल, 2004 से 2006 के तख्तापलट तक थाकसिन की सरकार में कार्यरत थे।
चार्नविराकुल ने 2019 में भुमजैथाई पार्टी का नेतृत्व करते हुए थाकसिन के कट्टर दुश्मन और सेना के पूर्व कमांडर प्रयुथ चान-ओचा की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री की भूमिका निभाई।
हालांकि 2023 में उन्होंने थाकसिन समर्थित फ्यू थाई पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री के पद संभाले।
यह गठबंधन इस साल जून में उस समय टूट गया, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री और थाकसिन की बेटी पायतोंगटार्न शिनावात्रा ने कंबोडियाई सीनेट के अध्यक्ष हुन सेन के साथ फोन पर बातचीत के दौरान थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर विवादित क्षेत्र को लेकर बढ़ते तनाव के बारे में बेतरतीब से बात की, जिसके परिणामस्वरूप जुलाई में पांच दिनों तक सशस्त्र संघर्ष चला।
चार्नविराकुल ने कैबिनेट पदों से इस्तीफा दे दिया और अपनी पार्टी को गठबंधन सरकार से अलग कर लिया, जिससे सरकार के पास केवल संसदीय बहुमत ही रह गया।
‘कॉन्स्टीट्यूश्नल कोर्ट’ ने नैतिकता के उल्लंघन के लिए पायतोंगटार्न को पहले निलंबित और फिर बर्खास्त कर दिया, जिससे चार्नविराकुल के लिए प्रधानमंत्री बनने का रास्ता हो गया।
एपी जितेंद्र