महाराष्ट्र सरकार ने दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों संबंधी आंकड़ों का वार्षिक खुलासा अनिवार्य किया
तान्या संतोष
- 31 Oct 2025, 04:52 PM
- Updated: 04:52 PM
मुंबई, 31 अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र में सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी प्रतिष्ठानों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने यहां काम करने वाले दिव्यांग कर्मचारियों का विवरण प्रत्येक वर्ष एक जनवरी को अपनी-अपनी वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से प्रकाशित करें ताकि उनके लिए कोटा पर अमल को सुनिश्चित किया जा सके।
राज्य सरकार के दिव्यांगजन कल्याण विभाग द्वारा इस आशय का निर्देश जारी किया गया है।
विभाग के सचिव तुकाराम मुंधे ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, "इस निर्देश का उद्देश्य विकलांग व्यक्तियों के लिए सरकारी नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना है।"
भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में विभाग द्वारा एक सरकारी प्रस्ताव (जीआर) जारी किया गया है।
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 और 2017 के नियमों के अनुसार, सभी मंत्रालयों, विभागों, उनके प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत आने वाले कार्यालयों, विभागाध्यक्षों और स्वायत्त संस्थाओं को दिव्यांग अधिकारियों और कर्मचारियों के बारे में निर्धारित प्रारूप में जानकारी दर्ज करनी होगी और उसे सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराना होगा।
मुंधे ने कहा, "इस निर्णय का उद्देश्य सरकारी सेवाओं में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों का पारदर्शी और सटीक रिकॉर्ड बनाए रखना तथा उनके लिए आरक्षण का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।’’
नौकरशाही ने कहा कि इस कदम से सभी विभागों में विकलांग कर्मचारियों का एक समान आंकड़ा बनाने में मदद मिलेगी तथा उनके सशक्तीकरण और अधिकारों के संरक्षण के प्रयासों में तेजी आएगी।
नए नियम के अनुसार, सभी प्रशासनिक विभाग और विभागाध्यक्ष दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित रिक्त पदों की अर्धवार्षिक समीक्षा करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ‘बैकलॉग’ रिक्तियों को शीघ्र भरा जाए।
शासनादेश के अनुसार, विभागीय प्रमुखों द्वारा संकलित जानकारी हर साल एक जनवरी को दिव्यांग व्यक्तियों के आयुक्त को प्रस्तुत की जाएगी, जो आंकड़ों को समेकित करेंगे और वार्षिक रिपोर्ट में इसे विभागवार शामिल करेंगे।
मुंधे ने चेतावनी दी कि निर्धारित प्रारूप में जानकारी प्रस्तुत करने में विफल रहने वाले विभागों को वर्ष 2016 के अधिनियम की धारा 89 के तहत दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
भाषा तान्या