जेएनयू छात्र संघ चुनाव के लिए मतदान, परिसर में ढोल की थाप और नारे गूंजे
नोमान नरेश
- 04 Nov 2025, 07:49 PM
- Updated: 07:49 PM
नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ चुनाव के लिए मंगलवार को मतदान हुआ जिस दौरान परिसर में ढोल की थाप और नारों की गूंज सुनाई दी।
इस छात्रसंघ चुनाव में विद्यार्थी बड़ी संख्या में वोट डालने के लिए पहुंचे।
मतदान सुबह नौ बजे शुरू हुआ और शाम 5:30 बजे तक चलना था। दोपहर एक बजे से 2:30 बजे तक का ब्रेक हुआ। जो छात्र अब भी कतार में हैं, उन्हें अंतिम समय के बाद भी मतदान करने की अनुमति दी जा रही है। जेएनयूएसयू चुनाव समिति के अनुसार, परिणाम छह नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
केंद्रीय पैनल के चार प्रमुख पदों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव के लिए 20 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस वर्ष लगभग 9,043 छात्र मतदान के पात्र हैं।
इस चुनाव में मुकाबला मुख्य रूप ‘लेफ्ट यूनिटी’ और आरएसएस से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के बीच है।
‘लेफ्ट यूनिटी में ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा), ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) और ‘डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन’ (डीएसएफ) शामिल हैं। उसने अध्यक्ष पद के लिए अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष पद के लिए किझाकूट गोपिका बाबू, महासचिव पद के लिए सुनील यादव और संयुक्त सचिव पद के लिए दानिश अली को मैदान में उतारा है।
एबीवीपी के पैनल में विकास पटेल (अध्यक्ष पद के उम्मीदवार), तान्या कुमारी (उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार), राजेश्वर कांत दुबे (महासचिव पद के उम्मीदवार) और अनुज (संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार) शामिल हैं। इसने ‘प्रदर्शन और राष्ट्रवाद’ के विषय पर प्रचार किया है जबकि वामपंथी धड़े ने समावेशिता, सुलभता और छात्र कल्याण पर ज़ोर दिया है।
जेएनयूएसयू की पूर्व अध्यक्ष आइशी घोष ने मतदान केंद्र के बाहर प्रचार करते हुए ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, "लेफ्ट यूनिटी सभी चार केंद्रीय पैनल सीटों पर जीत हासिल करेगी।"
हालांकि सुबह के समय मतदान की दर कम थी, लेकिन दोपहर में कतारें लंबी हो गईं। इनमें कई पहली बार के मतदाता थे।
बीस वर्षीय स्नातक छात्रा आकांक्षा ने कहा, "अब तक मैंने जेएनयू चुनावों के बारे में सिर्फ़ सुना था। पहली बार इन्हें देखना ख़ास लग रहा है। यह एक ही समय में जीवंत और गंभीर है।"
पिछले वर्ष आइसा के नीतीश कुमार ने अध्यक्ष पद जीता था जबकि एबीवीपी के वैभव मीणा ने संयुक्त सचिव पद हासिल किया था।
भाषा नोमान