उपराज्यपाल सिन्हा ने जम्मू में तीर्थयात्री सामुदायिक भवन, चार बस स्टॉप जनता को समर्पित किए
सुमित दिलीप
- 04 Nov 2025, 10:24 PM
- Updated: 10:24 PM
जम्मू, चार नवंबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को जम्मू शहर के बाहरी इलाके में एक तीर्थयात्री सामुदायिक भवन और चार मॉड्यूलर बस स्टॉप जनता को समर्पित किए। इस मौके पर उन्होंने ‘कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व’ (सीएसआर) के तहत बनने वाले पहले ‘इनडोर खेल’ परिसर की आधारशिला भी रखी।
उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर के कृषि समुदाय की दृढ़ता और समाज के प्रति उनके योगदान की सराहना की और उनके कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
उपराज्यपाल ने यहां वार्षिक झीरी मेला का उद्घाटन भी किया। इस दौरान उन्होंने तीर्थयात्री सामुदायिक भवन और चार मॉड्यूलर बस स्टॉप को जम्मू की जनता को समर्पित किया, साथ ही मरह उप-मंडल में सीएसआर के तहत पहले ‘इनडोर खेल’ परिसर की आधारशिला रखी।
अधिकारियों ने बताया कि आज जिस तीर्थयात्री सामुदायिक भवन का उद्घाटन किया गया है, वह पूरे साल समर्पित तीर्थयात्री विश्राम गृह के रूप में कार्य करेगा। यह धार्मिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों की भी मेजबानी करेगा, जिससे यह सामाजिक और आध्यात्मिक जुड़ाव का केंद्र बन जाएगा।
उन्होंने कहा, "श्रद्धालुओं के लिए परिवहन और पहुंच में सुधार करने के लिये झीरी चौक, राजपुरा चौक, बावा तालाब चौक और कनाचक चौक पर चार मॉड्यूलर बस स्टॉप का निर्माण किया गया है। इससे झीरी मंदिर और आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी और पहुंच मजबूत होगी।"
मरह उप-मंडल में ‘इनडोर खेल’ परिसर के चार महीने के भीतर पूरा होने की उम्मीद है, जो इस क्षेत्र में खेल प्रोत्साहन और प्रतिभा विकास के एक नए युग की शुरुआत करेगा।
उन्होंने कहा, "इस सुविधा में दो बैडमिंटन कोर्ट, समर्पित जूडो, ताइक्वांडो और कराटे रिंग, दो 10-मीटर एयर राइफल शूटिंग रेंज, दो टेबल टेनिस टेबल, शतरंज और कैरम की सुविधाएं, एक वाचनालय और एक मनोरंजन क्षेत्र (रिक्रिएशन जोन) शामिल होंगे।"
उपराज्यपाल ने कहा, "तेज आर्थिक विकास के लिए सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण महत्वपूर्ण है।"
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक परंपराओं, कलाओं, शिल्पों और रीति-रिवाजों को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ कौशल विकास के माध्यम से युवा पीढ़ी तक पहुंचाया जाना चाहिए, जो रोजगार के नए अवसर खोल सकते हैं।
उपराज्यपाल ने बाबा जित्तो और बुआ कौरी को पुष्पांजलि भी अर्पित की।
भाषा सुमित