हिंदू श्रद्धालु का दावा, पाकिस्तानी अधिकारियों ने सिख जत्थे के साथ जाने की नहीं दी अनुमति
आशीष नरेश
- 05 Nov 2025, 07:20 PM
- Updated: 07:20 PM
चंडीगढ़, पांच नवंबर (भाषा) श्री गुरु नानक देव जी के जयंती समारोह में भाग लेने के लिए पाकिस्तान गए कुछ हिंदू श्रद्धालुओं को वहां के अधिकारियों ने यह कहते हुए वापस भेज दिया कि वे सिख जत्थे के साथ नहीं जा सकते।
अमर चंद को उनके परिवार के छह सदस्यों के साथ गुरु नानक देव के जयंती समारोह में भाग लेने के लिए पड़ोसी देश जाने के बाद वापस भेज दिया गया। अमर चंद ने कहा, "पाकिस्तानी अधिकारियों ने हमसे कहा कि आप हिंदू हैं, आप सिख जत्थे के साथ नहीं जा सकते।’’
गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में मंगलवार को लगभग 1,900 सिख तीर्थयात्रियों का एक जत्था अटारी-वाघा सीमा पार करके पाकिस्तान पहुंचा।
चंद भी उस जत्थे में शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि वे सिख धर्म के संस्थापक के प्रकाश पर्व के अवसर पर पाकिस्तान के गुरुद्वारों में मत्था टेकना चाहते थे। चंद ने कहा कि हिंदू होने के कारण उन्हें और उनके परिवार के छह सदस्यों को वापस भेज दिया गया।
उन्होंने दावा किया कि वे अटारी-वाघा सड़क मार्ग से पाकिस्तान पहुंचे और वहां सभी औपचारिकताएं पूरी कीं। चंद ने बताया कि उन्हें तीर्थयात्रियों के लिए एक विशेष बस में सवार होने को कहा गया। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, "हमने सभी सात सदस्यों के लिए बस टिकट पर 95,000 रुपये (पाकिस्तानी मुद्रा में) खर्च किए।"
उन्होंने बताया कि फिर पांच पाकिस्तानी अधिकारी आए और हमें बस से उतरने को कहा। चंद ने कहा, "पाकिस्तानी अधिकारियों ने हमसे कहा कि आप हिंदू हैं, आप सिख जत्थे के साथ नहीं जा सकते।"
पहले पाकिस्तानी नागरिक रहे चंद 1999 में भारत आए और 2010 में भारतीय नागरिकता प्राप्त की। उन्होंने बताया कि बस टिकट पर खर्च किए गए पैसे भी वापस नहीं किए गए। दिल्ली निवासी चंद ने दावा किया कि लखनऊ के सात और भारतीयों को वापस भेज दिया गया।
चार नवंबर से 13 नवंबर तक पाकिस्तान की यात्रा पर गया जत्था गुरुद्वारा ननकाना साहिब, गुरुद्वारा पंजा साहिब, गुरुद्वारा सच्चा सौदा और गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर जाएगा।
इससे पहले, केंद्र ने पड़ोसी देश के साथ सुरक्षा परिदृश्य का हवाला देते हुए गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान भेजने से इनकार कर दिया था। बाद में, केंद्र सरकार ने एक सिख जत्थे को पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारों में जाने की अनुमति दे दी।
भाषा आशीष