आयुष मंत्रालय वैज्ञानिक अनुसंधान को मजबूत करेगा : जाधव
प्रचेता अविनाश
- 10 Nov 2025, 07:20 PM
- Updated: 07:20 PM
नयी दिल्ली, 10 नवंबर (भाषा) केन्द्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने सोमवार को कहा कि आयुष मंत्रालय, विश्व स्वास्थ्य संगठन(डब्ल्यूएचओ) के सहयोग से, वैज्ञानिक अनुसंधान को मजबूती देने, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने तथा यह सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखता है कि पारंपरिक चिकित्सा का लाभ सभी लोगों के लिए उपलब्ध हो।
जाधव ने 17 से 19 दिसंबर तक यहां आयोजित होने वाले दूसरे डब्ल्यूएचओ पारम्परिक औषधि वैश्विक शिखर सम्मेलन से जुड़े एक कार्यक्रम में मौजूद रहे। उन्होंने पारंपरिक चिकित्सा को सांस्कृतिक पहचान, प्रकृति व कल्याण के बारे में पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही सामुदायिक बुद्धिमत्ता और ज्ञान का खजाना बताया।
इस शिखर सम्मेलन में दुनिया भर से ‘हाइब्रिड मोड’ में लगभग 7,000 प्रतिभागी शामिल होंगे।
यह सम्मेलन डब्ल्यूएचओ की वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा रणनीति (2025-2034) के उद्देश्यों को आगे बढ़ाएगा, सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा (टीसीआईएम) की भूमिका को मजबूत करने के लिए संवाद, साक्ष्य और कार्रवाई को बढ़ावा देगा।
उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय, डब्ल्यूएचओ और जामनगर स्थित उसके ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन (जीएसटीएम) के साथ मिलकर इस वैश्विक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह समर्पित है।
उन्होंने कहा कि यह दूसरा वैश्विक शिखर सम्मेलन इसे और आगे बढ़ाते हुए नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों, चिकित्सकों और समुदायों के बीच बातचीत के लिए एक मंच तैयार करेगा। यह इस बात की फिर से पुष्टि करेगा कि पारंपरिक चिकित्सा, सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज और सतत विकास के व्यापक लक्ष्यों को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा, "भारत इस वैश्विक प्रयास का समर्थन करने में गर्व महसूस करता है। हम न केवल अपनी पुरानी विरासत को संभाल रहे हैं, बल्कि उन सभी देशों के भरोसेमंद साथी भी हैं जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और लोगों की भलाई के लिए पारंपरिक चिकित्सा का उपयोग करना चाहते हैं। हमारी नजर में यह एक ऐसी यात्रा है जहां हम एक-दूसरे से सीखेंगे, सहयोग करेंगे और एक-दूसरे की परंपराओं का सम्मान करेंगे।"
भाषा प्रचेता