बंगाल: शुभेंदु ने एसआईआर को लेकर तृणमूल की आलोचना की, बीएलओ-बीडीओ गठजोड़ का आरोप लगाया
जितेंद्र वैभव
- 17 Nov 2025, 07:35 PM
- Updated: 07:35 PM
कोलकाता, 17 नवंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि ‘बीएलओ और बीडीओ के एक वर्ग की गहरी सांठगांठ’ का उद्देश्य सत्तारूढ़ दल को ‘फर्जी मतदाताओं और अवैध प्रवासियों’ को बाहर निकालने के निर्वाचन आयोग के प्रयासों को विफल करने में मदद करना है।
अधिकारी ने भाजपा के राज्य मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया ने तृणमूल कांग्रेस के भीतर ‘घबराहट’ पैदा कर दी है, जिसके कारण ‘अपमानजनक टिप्पणियां व खुली धमकियां’ दी जा रही हैं और उन्होंने प्रशासन पर आयोग की जांच का विरोध करने का आरोप लगाया।
उन्होंने बंगाल पर ध्यान केंद्रित करते हुए आरोप लगाया कि गणना शुरू होने के बाद से ही पुनरीक्षण प्रक्रिया को शत्रुतापूर्ण तरीके से देखा जा रहा है।
अधिकारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी के सहयोगियों ने ‘गालियां देनी शुरू कर दीं’, जिनमें ‘हम उन्हें पेड़ से बांध देंगे’ जैसी टिप्पणियां भी शामिल थीं।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने उनकी सहमति के बिना निर्वाचन आयोग द्वारा 1,000 बूथ स्तरीय अधिकारियों को प्रशिक्षित किए जाने पर सार्वजनिक रूप से भी आपत्ति जताई।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता अधिकारी ने जमीनी स्तर पर प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए सुनियोजित प्रयासों का आरोप लगाया और “आई-पैक, कुछ बीएलओ और कुछ बीडीओ के बीच करीबी सांठगांठ’ का दावा किया।
उन्होंने कहा कि तामलुक बीडीओ ‘मृत व स्थानांतरित मतदाताओं के बारे में बीएलओ को गुमराह कर रहे थे’ और उत्तर 24 परगना जिले में एसआईआर प्रभारी ‘खाली परिसरों पर भी बीएलओ को फॉर्म वितरित करने के लिए मजबूर कर रहे थे’।
भाजपा नेता ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) से एक हेल्पलाइन शुरू का आग्रह किया क्योंकि ‘कई बीएलओ राजनीतिक कारणों से गणना फार्म उपलब्ध नहीं करा रहे हैं’।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने 13.25 लाख ‘फर्जी मतदाताओं’ की सूची सौंपी है और आरोप लगाया कि 20 विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्येक बूथ पर 50 से 150 मतदाता ऐसे हैं, जिनकी मौत हो चुकी है।
अधिकारी ने नागरिकता पर पार्टी का रुख दोहराते हुए कहा, “कानूनी शरणार्थियों को सीएए के तहत नागरिकता दी जाएगी। घुसपैठियों के नाम हटा दिए जाएंगे।”
भाषा जितेंद्र