ईडी ने रिलायंस अनिल अंबानी समूह मामले में यस बैंक के राणा कपूर से पूछताछ की
शोभना संतोष
- 15 Dec 2025, 05:25 PM
- Updated: 05:25 PM
नयी दिल्ली, 15 दिसंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय ने रिलायंस अनिल अंबानी समूह की कंपनियों के खिलाफ धनशोधन जांच के तहत यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर से सोमवार को पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि बयान धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किए जा रहे हैं।
कपूर (68) को इससे पहले भी ईडी ने अलग-अलग धनशोधन मामलों में गिरफ्तार किया था और उनसे पूछताछ की गई थी। ये मामले ऋणदाता (यस बैंक) द्वारा कथित तौर पर अवैध रूप से ऋण वितरण से जुड़े थे।
ईडी के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें इस मामले में कपूर और अंबानी के बीच लेन-देन का संदेह है।
ईडी की पूछताछ और संबंधित आरोपों पर कपूर या उनके वकीलों की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई।
अधिकारियों के अनुसार, 31 मार्च 2017 तक यस बैंक का रिलायंस अनिल अंबानी समूह (एडीएजी समूह) में लगभग 6,000 करोड़ रुपये का निवेश था, और यह आंकड़ा एक वर्ष के भीतर (31 मार्च, 2018 तक) दोगुना होकर 13,000 करोड़ रुपये हो गया।
जिन कंपनियों की जांच की जा रही है वे हैं रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल)।
अधिकारियों ने आरोप लगाया कि इन निवेशों का एक "बड़ा" हिस्सा गैर-निष्पादित निवेश (एनपीआई) में बदल गया और परिणामस्वरूप बैंक को 3,300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
जांच 2017-2019 की अवधि से संबंधित है, जब यस बैंक ने कथित तौर पर रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) में 2,965 करोड़ रुपये और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) में 2,045 करोड़ रुपये का निवेश किया था।
ईडी के अनुसार, आरएचएफएल पर बकाया राशि 1,353.5 करोड़ रुपये और आरसीएफएल पर 1,984 करोड़ रुपये थी, और जांच में पाया गया कि दोनों कंपनियों को 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की सार्वजनिक धनराशि प्राप्त हुई थी।
अंबानी (66) से उनकी समूह की कंपनियों से जुड़ी कथित बैंक ऋण संबंधी "अनियमितताओं" के सिलसिले में पहले भी ईडी पूछताछ कर चुकी है।
रिलायंस समूह की कंपनियों ने बार-बार कहा है कि अंबानी समूह के दैनिक प्रबंधन में शामिल नहीं थे।
ईडी ने हाल ही में अनिल अंबानी समूह की कुछ कंपनियों से संबंधित 1,120 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है।
भाषा शोभना