केंद्र ने जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन को मजबूत करने के लिए सुशासन सप्ताह की शुरुआत की
दिलीप
- 19 Dec 2025, 09:40 PM
- Updated: 09:40 PM
नयी दिल्ली, 19 दिसंबर (भाषा) केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुशासन सप्ताह की शुरुआत की, जो जमीनी स्तर पर सेवाओं के कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान देने के साथ नागरिक-केंद्रित शासन को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाया जाने वाला एक प्रशासनिक अभियान है।
इस पहल की शुरुआत करते हुए, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) की सचिव रचना शाह ने राष्ट्रव्यापी 'प्रशासन गांव की ओर' अभियान के लिए दिशानिर्देश जारी किए।
शाह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के उपलक्ष्य में 25 दिसंबर को प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला सुशासन सप्ताह, समय के साथ एक स्मृति दिवस से विकसित होकर अब एक केंद्रित और कार्य-उन्मुख शासन पहल बन गया है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुशासन केवल नीतियों और संस्थागत ढांचों में ही नहीं, बल्कि इस बात में भी परिलक्षित होता है कि सार्वजनिक सेवाएं नागरिकों तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचती हैं और शिकायतों का कितनी तत्परता से समाधान किया जाता है।
कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि 'प्रशासन गांव की ओर' पहल सुशासन सप्ताह अभियान का मूल आधार बनी हुई है, जो शिकायत निवारण और जनसेवा वितरण में जिला प्रशासनों को अग्रणी भूमिका को दर्शाती है।
बयान में कहा गया है कि निर्देशों के अनुसार, देशभर के जिला कलेक्टर तहसील, प्रखंड और पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन करेंगे, ताकि अधिकारियों और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित हो सके और शिकायतों का तत्काल समाधान तथा जनसेवाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
यह अभियान दो चरणों में लागू किया जा रहा है। इनमें पहला चरण 11 से 18 दिसंबर तक तैयारी के लिये और दूसरा चरण 19 से 25 दिसंबर तक सुशासन सप्ताह के दौरान कार्यान्वयन के लिये है।
दैनिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, 17 दिसंबर तक राज्य शिकायत पोर्टल के माध्यम से 2,11,098 शिकायतों का निवारण किया जा चुका है, जबकि सहभागी जिलों में 21,71,179 सेवा वितरण आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है।
अभियान के अगले चरण के तहत, 23 दिसंबर को सभी जिलों में जिला स्तरीय प्रसार कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।
पिछले संस्करणों के परिणामों का हवाला देते हुए, शाह ने बताया कि सुशासन सप्ताह 2024 में देश भर में 18 लाख से अधिक जन शिकायतों का निपटारा किया गया और लगभग तीन करोड़ आवेदनों पर कार्रवाई की गई, साथ ही एक हजार से अधिक सुशासन प्रथाओं और सैकड़ों नवाचार-आधारित सफलता की कहानियों का दस्तावेजीकरण किया गया।
भाषा तान्या