इंडिगो ने दिसंबर में मुआवजा और यात्री सुविधाओं पर 22 करोड़ रुपये खर्च किए: आधिकारिक आंकड़े
संतोष
- 02 Feb 2026, 11:15 PM
- Updated: 11:15 PM
नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) विमानन कंपनी इंडिगो ने पिछले साल दिसंबर में बड़े पैमाने पर उड़ान व्यवधानों के बाद यात्रियों को मुआवज़ा और सुविधाएं प्रदान करने पर 22.68 करोड़ रुपये खर्च किए।
नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक सवाल के लिखित जवाब में सोमवार को राज्यसभा को यह जानकारी दी।
उन्होंने दिसंबर में घरेलू विमानन कंपनियों द्वारा यात्रियों को मुआवज़ा और सुविधाएँ प्रदान करने पर खर्च की गई राशि के आंकड़े साझा किए, जो कुल मिलाकर 24 करोड़ रुपये से कुछ अधिक है। यह राशि 'बोर्डिंग' नहीं देने , उड़ानों के रद्द होने और उड़ानों में देरी से संबंधित है।
आंकड़ों के अनुसार इंडिगो ने 22.68 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि एअर इंडिया समूह - एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस - ने 74.61 लाख रुपये का भुगतान किया। आंकड़ों के अनुसार, स्पाइसजेट और अकासा एयर ने क्रमशः 40.09 लाख रुपये और 21.06 लाख रुपये खर्च किए।
जवाब के अनुसार ''इंडिगो ने (28 जनवरी, 2026 तक) 22.68 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया है। यात्रियों से आवश्यक पुष्टि और दस्तावेज़ सत्यापन के अधीन मुआवजे की प्रक्रिया जारी है।''
दिसंबर की शुरुआत में, इंडिगो को परिचालन में भारी बाधाओं का सामना करना पड़ा, जिसके बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरलाइन की शीतकालीन उड़ानों की संख्या में 10 प्रतिशत कमी कर दी थी।
मोहोल ने एक अन्य सवाल के लिखित जवाब में कहा कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने पिछले एक साल में देश में हुई 19 दुर्घटनाओं और गंभीर घटनाओं की जांच की है।
उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में देश में हुई सभी विमान दुर्घटनाओं और गंभीर घटनाओं की समीक्षा एएआईबी द्वारा की गई है।
मंत्री ने कहा कि पिछले एक साल में कुल 19 दुर्घटनाएं/गंभीर घटनाएं हुई हैं जिनकी जांच एएआईबी कर रहा है।
एक गंभीर घटना की जांच पूरी हो चुकी है और उसकी रिपोर्ट एएआईबी की वेबसाइट पर प्रकाशित कर दी गई है। शेष अन्य दुर्घटनाओं/घटनाओं की जांच जारी है।
उन्होंने एक अन्य सवाल के लिखित जवाब में बताया कि विमानन नियामक डीजीसीए ने सभी विमानन कंपनियों से जुड़ी विभिन्न जानकारियां, जिनमें रूट की जानकारी, बाजार हिस्सेदारी और औसत हवाई किराया शामिल हैं, प्रतिस्पर्धा आयोग को उपलब्ध कराई हैं। प्रतिस्पर्धा आयोग इस बात का आकलन कर रहा है कि क्या देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी ने अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं का पालन किया है।
दिसंबर 2025 में बड़े पैमाने पर हुई उड़ान व्यवधानों के बाद भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने इंडिगो की व्यावसायिक प्रथाओं का आकलन करने का निर्णय लिया।
भाषा अविनाश संतोष
संतोष
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