एंजियोप्लास्टी में गड़बड़ी : न्यायालय ने हृदय रोग विशेषज्ञ को मिली जमानत रद्द करने से किया इनकार
दिलीप
- 09 Feb 2026, 04:07 PM
- Updated: 04:07 PM
नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने गुजरात के एक हृदय रोग विशेषज्ञ को दी गई जमानत रद्द करने से सोमवार को इनकार कर दिया।
इस हृदय रोग विशेषज्ञ को आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के दो लाभार्थियों की अनावश्यक और गलत तरीके से एंजियोप्लास्टी सर्जरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, इसके कारण दोनों मरीजों की मौत हो गई थी।
उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और ए. एस. चंदुरकर की पीठ ने पिछले साल आठ दिसंबर को उच्च न्यायालय द्वारा डॉ प्रशांत वजीरानी को दी गई नियमित जमानत को चुनौती देने वाली गुजरात सरकार की याचिका को खारिज कर दिया।
शीर्ष अदालत की पीठ ने गुजरात सरकार की स्थायी अधिवक्ता स्वाति घिल्डियाल से कहा, '' वह एक चिकित्सक हैं, हृदय रोग विशेषज्ञ हैं, उन्हें अपना काम करने दीजिए। आप उन पर नजर रख सकते हैं। अगर वह कुछ गलत करते हैं, तो आप उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं।''
गुजरात सरकार ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और चिकित्सक द्वारा की गयी अनावश्यक सर्जरी के कारण दो लोगों की जान चली गई।
न्यायमूर्ति माहेश्वरी ने कहा, ''हमने सभी सामग्री देख ली है। हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे।''
उच्चतम न्यायालय ने चिकित्सक की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार से सवाल किया, ''वह ये सब क्यों कर रहा था? आप एक हृदय रोग विशेषज्ञ हैं, इन सब में शामिल न हों। ''
उच्च न्यायालय ने पिछले साल आठ दिसंबर को वजीरानी को जमानत दे दी थी, जिसने अहमदाबाद के ख्याति मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में पीड़ितों की एंजियोप्लास्टी की थी।
पुलिस ने 14 नवंबर, 2024 को अनावश्यक और गलत तरीके से की गई एंजियोप्लास्टी सर्जरी के कारण पीएमजेएवाई के दो लाभार्थियों की मौत के संबंध में तीन प्राथमिकी दर्ज कीं और यह सर्जरी करने वाले वजीरानी को गिरफ्तार किया था।
मृत लोगों के परिजनों की शिकायत पर दो मामले दर्ज किए गए, जबकि तीसरा मामला राज्य सरकार की ओर से मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी द्वारा पुलिस से संपर्क करने के बाद दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार इन आरोपियों ने आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के तहत अनुचित वित्तीय लाभ प्राप्त करने के लिए साजिश रची, जिसके परिणामस्वरूप दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई।
नागरभाई सेन्मा (59) और महेश बरोट (45) उन सात व्यक्तियों में शामिल थे, जिनकी अहमदाबाद अस्पताल में स्टेंट प्लेसमेंट के साथ एंजियोप्लास्टी की गई थी। मेहसाना जिले के निवासी दोनों की उसी दिन अस्पताल में मौत हो गई थी।
आयुष्मान भारत-(पीएमजेएवाई) योजना जरूरतमंद लोगों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा प्रदान करती है।
भाषा रविकांत दिलीप
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