भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस-बीआरएस-एआईएमआईएम ''एकजुट'' हो गई हैं: बंडी संजय कुमार
धीरज
- 14 Feb 2026, 04:35 PM
- Updated: 04:35 PM
हैदराबाद, 14 फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता बंडी संजय कुमार ने शनिवार को तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस, विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) पर करीमनगर में भाजपा को महापौर पद हासिल करने से रोकने के लिए 'एकजुट' होने का आरोप लगाया।
करीमनगर निकाय चुनाव भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है।
नगर निकाय में कुल 66 वार्ड में से भाजपा ने 30 में जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस, बीआरएस, एआईएमआईएम, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी) और निर्दलीय उम्मीदवारों ने क्रमशः 14, 9, 3, 3 और सात सीट जीती हैं।
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ''ये तीनों पार्टियां इस सोच के साथ एकजुट हुई हैं कि भाजपा को महापौर का पद नहीं मिलना चाहिए। हम लंबे समय से कहते आ रहे हैं कि बीआरएस और कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। करीमनगर में उनकी साजिशें बेनकाब होने वाली हैं। बीआरएस और कांग्रेस के नेता गुप्त रूप से नहीं बल्कि खुलेआम बातचीत कर रहे हैं।"
कुमार ने बीआरएस के एक विधायक का हवाला दिया जिसने दावा किया था कि मुख्यमंत्री (ए रेवंत रेड्डी) ने गतिरोध समाप्त करने के वास्ते समन्वय के लिए निजी तौर पर संपर्क किया था।
कुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा के एक उम्मीदवार को समर्थन के बाद लाभ का प्रलोभन दिया गया था, लेकिन उन्होंने प्रस्ताव ठुकरा दिया।
करीमनगर से लोकसभा सदस्य संजय कुमार ने कहा कि बीआरएस और कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि भाजपा को महापौर पद लेने से रोकने के लिए ''एकसाथ आने'' का निर्णय स्थानीय व्यवस्था है या उनके आलाकमान का निर्देश।
उन्होंने कहा कि करीमनगर में नगर निगम चुनाव जीतने वाले निर्दलीय उम्मीदवारों ने भाजपा को अपना समर्थन देने का वादा किया है और उन्हें विश्वास है कि उनकी पार्टी महापौर पद जीत लेगी।
कुमार ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने कालेश्वरम परियोजना, फोन टैपिंग, फॉर्मूला ई रेस और अन्य मामलों में बीआरएस नेताओं के खिलाफ 'गिरफ्तारियां' करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने एआईएमआईएम और बीआरएस के साथ गुप्त समझौते के तहत मौजूदा ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) को तीन भागों में बांट दिया है, जिसमें उनके राजनीतिक हितों की रक्षा की जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि तीनों निगमों के चुनाव होने पर भाजपा सत्ता में आएगी।
भाषा अमित धीरज
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1402 1635 हैदराबाद