एआर रहमान ने जूनियर डागर बंधुओं को गाने का श्रेय देने पर सहमति जताई
अविनाश
- 20 Feb 2026, 09:19 PM
- Updated: 09:19 PM
नयी दिल्ली, 20 फरवरी (भाषा) संगीतकार एआर रहमान ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि वह तमिल फिल्म 'पोन्नियिन सेल्वन : 2' के 'वीरा राजा वीरा...' गाने का श्रेय जूनियर डागर बंधुओं को देने के लिए तैयार हैं।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने विवाद में शामिल हस्तियों को "संगीत जगत का प्रतिष्ठित नाम" बताया। पीठ ने रहमान की दलीलें दर्ज कर याचिका का निपटारा कर दिया।
रहमान की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने पीठ से कहा कि उनके मुवक्किल जूनियर डागर बंधुओं को गाने का श्रेय देंगे।
सिंघवी ने कहा कि गाने के बारे में लिखा होगा - "ध्रुपद गायन की डागरवानी परंपरा से प्रेरित रचना, जिसे जूनियर डागर बंधुओं के नाम से मशहूर दिवंगत उस्ताद नासिर फैयाजुद्दीन डागर और उस्ताद नासिर जहीरुद्दीन डागर ने पहली बार 'शिव स्तुति' के रूप में रिकॉर्ड किया था।"
शीर्ष अदालत ध्रुपद गायक उस्ताद फैयाज वसीफुद्दीन डागर की ओर से दिल्ली उच्च न्यायालय के सितंबर 2025 के उस फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया था कि जूनियर डागर बंधुओं के 'शिव स्तुति' के शास्त्रीय स्वरूप के लेखक होने का प्रथम दृष्टया कोई सबूत नहीं है।
पीठ ने संशोधित 'क्रेडिट' सभी सोशल मीडिया और ओटीटी मंचों पर पांच सप्ताह के भीतर दिखाने को कहा।
शीर्ष अदालत ने रहमान को निर्देश दिया कि वह उच्च न्यायालय की ओर से निर्धारित दो करोड़ रुपये की राशि अंतरिम रूप से रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा करें।
पीठ ने स्पष्ट किया कि उसने कोई राय व्यक्त नहीं की है और पक्षों के बीच लंबित दीवानी मुकदमा उसके आदेश से अप्रभावित रहते हुए आगे बढ़ेगा।
उच्चतम न्यायालय ने 13 फरवरी को याचिका पर सुनवाई करते हुए रहमान और 'पोन्नियिन सेल्वन : 2' के निर्माताओं से 'वीरा राजा वीरा...' गाने के 'क्रेडिट' में डागरवानी परंपरा के योगदान को "मान्यता" देने के लिए कहा था।
उस्ताद फैयाजुद्दीन डागर के बेटे और उस्ताद जहीरुद्दीन डागर के भतीजे फैयाज वसीफुद्दीन डागर ने उच्च न्यायालय के समक्ष दलील दी थी कि जूनियर डागर बंधुओं की सभी मूल रचनाओं (जिनमें 'शिव स्तुति' भी शामिल है) पर उनका कॉपीराइट है, जिसका उल्लंघन किया गया है।
भाषा पारुल अविनाश
अविनाश
2002 2119 दिल्ली