भारत ने 16 साल के बाद आईओएनएस की अध्यक्षता ग्रहण की
वैभव
- 20 Feb 2026, 11:11 PM
- Updated: 11:11 PM
विशाखापत्तनम, 20 फरवरी (भाषा) भारत ने 16 वर्षों के अंतराल के बाद आईओएनएस की अध्यक्षता रॉयल थाई नौसेना से ग्रहण की है। एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आईओएनएस) एक स्वैच्छिक पहल है जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र के तटीय राष्ट्रों की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग को बढ़ाना है।
नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने कहा कि भारत ने यहां आयोजित नौवें नौसेना प्रमुख संगोष्ठी के दौरान यह भूमिका ग्रहण की।
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने सम्मेलन में आईओएनएस के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला। इस सम्मेलन में 33 देशों के नौसेना प्रमुख और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख एक मंच पर आए।
इस सम्मेलन में अटलांटिक से लेकर प्रशांत महासागर तक के देशों ने भाग लिया, जो हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध नौसेनाओं के बीच बढ़ते सामंजस्य को दर्शाता है।
भारतीय नौसेना की पूर्वी कमान ने कहा कि भारत ने इससे पहले 2008 से 2010 तक आईओएनएस के उद्घाटन सत्र में अध्यक्षता संभाली थी और 16 साल बाद फिर से कमान संभाल रहा है। उसने बताया कि यह मंच पेशेवर समुद्री सहयोग के लिए एक केंद्रीय मंच के रूप में विकसित हो गया है।
वाइस एडमिरल सोबती ने कहा कि मंच की अध्यक्षता संभालने के साथ ही भारत समुद्री क्षेत्रों में शांति, स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिक जिम्मेदारी लेने को तैयार है।
सोबती ने संवाददाताओं से कहा, '' यहां आयोजित हो रहे नौवें नौसेना प्रमुख सम्मेलन के दौरान भारत ने हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी की अध्यक्षता ग्रहण कर ली है।''
उन्होंने रेखांकित किया कि समुद्री चुनौतियां सभी देशों में समान हैं और इसके लिए हिंद महासागर क्षेत्र की नौसेनाओं के बीच बेहतर अंतरसंचालन, संरचित संचार तंत्र और समन्वित प्रतिक्रियाओं की आवश्यकता है।
पूर्वी कमान की एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रमुख घटनाक्रम में उन्नत आईओएनएस वेबसाइट की शुरुआत भी शामिल है। इसका उद्देश्य सदस्य नौसेनाओं के बीच उपयोगिता, संस्थागत निरंतरता और सुरक्षित जुड़ाव में सुधार करना है।
भाषा धीरज वैभव
वैभव
2002 2311 विशाखापत्तनम