नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख ने जम्मू कश्मीर में आतंकी हमलों की जांच की मांग की
आशीष प्रशांत
- 19 May 2024, 07:05 PM
- Updated: 07:05 PM
मेंढर/जम्मू, 19 मई (भाषा) नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने रविवार को केंद्र से जम्मू-कश्मीर में एक दिन पहले हुए दोहरे आतंकवादी हमलों की जांच का आदेश देने का आग्रह किया और पाकिस्तान से क्षेत्र में आतंकवाद का समर्थन बंद करने की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर दोनों घटनाओं की जांच का आदेश नहीं दिया गया तो उनकी पार्टी ऐसे हमलों के पीछे के दोषियों का पता लगाने के लिए जांच कराने को लेकर ‘‘एक अंतरराष्ट्रीय समिति को आमंत्रित करेगी।’’
आतंकवादियों ने शनिवार रात कश्मीर में दो स्थानों पर हमला किया, जिसमें शोपियां में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े पूर्व सरपंच ऐजाज शेख की मौत हो गई और अनंतनाग में राजस्थान का एक पर्यटक दंपति घायल हो गया।
अब्दुल्ला ने पुंछ जिले के मेंढर इलाके में एक चुनावी रैली से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं बार-बार कहता रहा हूं कि दिल्ली में बैठे लोग यह कहकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं कि अनुच्छेद 370 आतंकवाद के लिए जिम्मेदार था। अनुच्छेद को हटाए कितने साल हो गए? क्या आतंकवाद रुक गया?’’
शेख की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमले में बेकसूर पूर्व सरपंच की जान चली गई। नेकां प्रमुख ने कहा, ‘‘क्या उन्हें जीने का अधिकार नहीं है? यह आजाद देश है और कोई भी पार्टी अपनी विचारधारा का प्रचार कर सकती है। उन्हें किसने मारा इसकी जांच होनी चाहिए और वह भी जल्द।’’
अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘अगर वे (केंद्र) जांच नहीं कराते हैं, तो हमें इस बात की जांच के लिए एक अंतरराष्ट्रीय समिति को आमंत्रित करना चाहिए कि ऐसे हमलों के लिए कौन जिम्मेदार है।’’
उन्होंने कहा कि जब तक आतंकवाद पूरी तरह से बंद नहीं हो जाता, तब तक क्षेत्र में शांति नहीं होगी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने पड़ोसी पाकिस्तान से कहना चाहता हूं कि वह (जम्मू कश्मीर में) आतंकवाद को प्रायोजित करना बंद करे। आतंकी गतिविधियां बंद होने के बाद दोनों देश एक साथ बैठ सकते हैं और अपने मुद्दों को सुलझा सकते हैं।’’
अब्दुल्ला ने दावा किया कि गृह मंत्री अमित शाह ने श्रीनगर के अपने हालिया दो दिवसीय दौरे के दौरान केवल नेकां के प्रतिद्वंद्वियों से मुलाकात की।
अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘वह गृह मंत्री हैं और व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए आ सकते हैं। लेकिन मुझे बताया गया कि उन्होंने कुछ लोगों को विशेष रूप से आमंत्रित किया था और बैठक आधी रात तक जारी रही। वह मुझसे नहीं मिले, लेकिन उन लोगों से मिले जो हमारी पार्टी के खिलाफ हैं। आप खुद ही इसका अंदाजा लगा सकते हैं। यात्रा का उद्देश्य क्या था।’’
भाषा आशीष