चुनावी बॉण्ड: एक करोड़ रुपये के बॉण्ड का बोलबाला, एक हजार रुपये के बॉण्ड की मामूली हिस्सेदारी
पाण्डेय प्रेम
- 15 Mar 2024, 09:05 PM
- Updated: 09:05 PM
नयी दिल्ली, 15 मार्च (भाषा) अब रद्द किए जा चुके चुनावी बॉण्ड के जरिए राजनीतिक दलों को मिला हजारों करोड़ रुपये का कॉरपोरेट चंदा भले ही सुर्खियों में है, लेकिन इनमें 132 बॉण्ड ऐसे भी हैं, जिनमें से हरेक में केवल 1,000 रुपये का ही चंदा दिया गया। इन बॉण्ड को खरीदने वालों में निजी व्यक्तियों के साथ आईटीसी लिमिटेड जैसी दिग्गज कॉरपोरेट भी शामिल है।
राजनीतिक दलों को 1,000 रुपये की कीमत वाले बॉण्ड के जरिए कुल 1.32 लाख रुपये का चंदा मिला। यह राशि चुनावी बॉण्ड के जरिए दिए गए कुल दान का सिर्फ 0.0001 प्रतिशत है। चुनाव आयोग के मुताबिक, 18,871 बॉण्ड के जरिए कुल 12,155 करोड़ रुपये का चंदा राजनीतिक दलों को दिया गया है।
दूसरी तरफ 12 अप्रैल, 2019 से शुरू हुई चुनावी बॉण्ड योजना के तहत चार वर्षों में एक करोड़ रुपये मूल्यवर्ग के 11,671 बॉण्ड खरीदे गए। इनके जरिए राजनीतिक दलों को दिया गया चंदा, कुल राशि का 96 प्रतिशत था।
एक करोड़ रुपये के सबसे बड़े मूल्यवर्ग वाले बॉण्ड को खरीदने वालों में ज्यादातर कंपनियां शामिल हैं। हालांकि कुछ व्यक्तियों ने भी इन बॉण्ड को खरीदा।
ऐसे लोगों में लक्ष्मी निवास मित्तल, किरण मजूमदार शॉ, राहुल भाटिया जैसे बड़े उद्योगपति शामिल हैं। इसके अलावा सौरभ गुप्ता, उन्नीकृष्णन के, राजू कुमार शर्मा, तविंदर सिंह कोहली, राहुल जगन्नाथ जोशी, कंवर लाल पाटनी, रौनक गुप्ता, अनिता हेमन्त शाह, अशोक कुमार मोदी और अविनाश मोदी जैसे लोग भी शामिल हैं।
चुनावी बॉण्ड के मूल्यवर्ग में 1,000 रुपये, 10,000 रुपये, एक लाख रुपये, 10 लाख रुपये और एक करोड़ रुपये के बॉण्ड शामिल हैं।
सबसे कम मूल्यवर्ग वाले 1,000 रुपये के बॉण्ड खरीदने वालों में आईटीसी लिमिटेड के अलावा रायपुर बॉटलिंग कंपनी, रे कंस्ट्रक्शन लिमिटेड और ध्रुव कॉटन प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड जैसे कॉरपोरेट शामिल हैं।
सबसे कम मूल्यवर्ग के बॉण्ड के व्यक्तिगत खरीदारों में अभिजीत सोलोमन कांबले, पूनम अग्रवाल, एन राममूर्ति, आनंद अग्रवाल, रितेश अग्रवाल, दामिनी नाथ और सौरभ कुमार रॉय शामिल हैं।
इस दौरान 10,000 रुपये मूल्यवर्ग के 220 बॉण्ड खरीदे गए जिनकी कुल मूल्य में हिस्सेदारी 0.002 प्रतिशत से भी कम थी। इनके खरीदारों में आईटीसी और जियोजित इन्वेस्टमेंट सर्विसेज जैसी कंपनियां शामिल हैं।
इसके बाद आने वाले एक लाख रुपये मूल्यवर्ग के 2,228 बॉण्ड और 10 लाख रुपये मूल्यवर्ग के 4,620 बॉण्ड खरीदे गए।
भाषा पाण्डेय