पंजाब पुलिस ने किया अंतरराज्यीय अफीम तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार
यासिर दिलीप
- 28 Jun 2024, 04:56 PM
- Updated: 04:56 PM
चंडीगढ़, 28 जून (भाषा) पंजाब पुलिस ने झारखंड से संचालित होने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय अफीम तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के दो तस्करों को गिरफ्तार किया और 66 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किया है। पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि आरोपियों ने अफीम को अपनी कार के निचले हिस्से में छिपाकर रखा था।
डीजीपी ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुखयाद सिंह उर्फ याद और जगराज सिंह के रूप में हुई है।
अफीम के साथ ही पुलिस ने आरोपियों के पास से 40 हजार रुपये और 400 ग्राम सोना भी बरामद किया। पुलिस ने आरोपियों की कार और ट्रैक्टर को भी जब्त कर लिया है।
यादव ने कहा कि इस मामले में आगे की वित्तीय जांच और कार्रवाई में संगठित अफीम गिरोह की ओर से वित्तीय लेनदेन के लिए उपयोग किए जा रहे 42 बैंक खातों का पता चला है।
उन्होंने कहा, ‘‘24 घंटे से भी कम समय में फजिल्का पुलिस ने वित्तीय सुराग जुटाते हुए सभी 42 बैंक खातों से लेनदेन पर रोक लगा दी है। इनमें मादक पदार्थों से अर्जित 1.86 करोड़ रुपये भी शामिल थे।’’
डीजीपी ने कहा कि फजिल्का पुलिस ने कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि मामले में आगे जांच की जा रही है।
फजिल्का की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रज्ञा जैन ने कहा कि पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि आरोपी झारखंड से अफीम लाने के आदी हैं और वे अपनी कार में भारी मात्रा में अफीम लेकर झारखंड से श्रीगंगानगर होते हुए दल्मिर खेड़ा आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अबोहर-गंगानगर रोड पर सप्पन वाली गांव के बस स्टैंड पर एक वाहन को रोका।
उन्होंने बताया कि चालक के भागने के प्रयास के बावजूद पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया और उनके कब्जे से 66 किलोग्राम अफीम और धन बरामद किया। उन्होंने बताया कि आरोपियों का पीछा करते समय एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।
जैन ने कहा कि पुलिस टीम ने गिरोह के एक अन्य आरोपी की भी पहचान कर ली है और वह दो दशकों से अधिक समय से तस्करी में संलिप्त है। जैन ने बताया कि उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, चोरी, आबकारी अधिनियम और एनडीपीएस अधिनियम के तहत कम से कम नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं।
भाषा यासिर