मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे पर कार दुर्घटना में 'स्वयंभू बाबा' खरात के करीबी सहयोगी की मौत
प्रशांत
- 17 Apr 2026, 10:11 PM
- Updated: 10:11 PM
मुंबई, 17 अप्रैल (भाषा) जेल में बंद 'स्वयंभू बाबा' अशोक खरात के एक करीबी सहयोगी और उसकी पत्नी की कार शुक्रवार को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में समृद्धि एक्सप्रेसवे पर एक खड़े कंटेनर ट्रक से टकरा गई, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
कुछ विपक्षी नेताओं ने इस घटना पर संदेह जताया है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान जितेंद्र शेल्के (55) और उसकी पत्नी अनुराधा (50) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में उनका 14 वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया।
उन्होंने बताया कि शेल्के, खरात का करीबी सहयोगी था। उन्होंने बताया कि शेल्के खरात का व्यापारिक साझेदार होने के साथ-साथ 'स्वयंभू बाबा' द्वारा स्थापित शिवानिका ट्रस्ट का उपाध्यक्ष भी था।
खरात को बलात्कार और धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में गिरफ्तार किया गया है।
अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना दोपहर लगभग 12 बजे पश्चिमी महाराष्ट्र के कोपरगांव पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में आने वाले धोत्रे गांव के निकट हुई, जो मुंबई से लगभग 250 किलोमीटर दूर है।
उन्होंने बताया कि शेल्के, उसकी पत्नी और बेटा छत्रपति संभाजीनगर से मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे होते हुए कार से ठाणे आ रहे थे। उन्होंने बताया कि जैसे ही कार धोत्रे के निकट पहुंची, उसने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और सड़क किनारे खड़े एक कंटेनर ट्रक से टकरा गई।
उन्होंने बताया कि दुर्घटना में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गये और उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां शेल्के और उनकी पत्नी को मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि दंपति के बेटे का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।
अधिकारी ने बताया कि कोपरगांव पुलिस थाने में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है।
अहिल्यानगर के पुलिस अधीक्षक सोमनाथ घरगे ने बताया कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के अधिकारियों और वाहन विशेषज्ञों की मदद से दुर्घटना का विश्लेषण किया जायेगा ताकि इस दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा सके।
इस बीच, विपक्षी नेताओं ने इस घटना को लेकर संदेह जताया कि क्या खरात के खिलाफ जांच में तथ्यों को दबाने के लिए यह ''सुनियोजित'' घटना थी।
राकांपा (शप) के विधायक रोहित पवार ने कहा कि शिवानिका संस्थान के उपाध्यक्ष और खरात के करीबी शेल्के की आकस्मिक मृत्यु की घटना चौंकाने वाली है।
उन्होंने कहा, ''यह संदेह होता है कि क्या खरात के बारे में कुछ तथ्यों को उजागर होने से रोकने के लिए यह दुर्घटना हुई थी। एक विस्तृत जांच की जानी चाहिए।''
शिवसेना (उबाठा) नेता सुषमा अंधारे ने इस घटना को लेकर कहा कि कई दिनों से आशंकाएं थीं कि खरात मामले से जुड़े लोगों को धमकियां मिल सकती हैं।
उन्होंने कहा, ''आज की घटना से यह संदेह और भी पुख्ता हो गया है। अगर एसआईटी जांच में तेजी नहीं लाती है, तो संदेह और भी गहरा जाएगा। इससे व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं।''
सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने भी संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि शेल्के शिवनिका संस्थान में एक महत्वपूर्ण पद पर थे।
दमानिया ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनसे महज तीन दिन पहले पूछताछ की थी और अब एक दुर्घटना में उनकी मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया, ''यह महज एक दुर्घटना नहीं हो सकती।''
प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को खरात और उससे जुड़े संगठनों के खिलाफ धनशोधन की जांच के तहत नासिक जिले के शरणपुर में एक स्थान पर नए सिरे से तलाशी अभियान चलाया।
भाषा
देवेंद्र प्रशांत
प्रशांत
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