धार्मिक उत्पीड़न की आरोपी ने गर्भावस्था का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत का अनुरोध किया
रंजन
- 18 Apr 2026, 08:38 PM
- Updated: 08:38 PM
नासिक, 18 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस कार्यालय में कुछ महिला सहकर्मियों के कथित धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न से संबंधित मामले में आरोपी एक महिला कर्मचारी ने शनिवार को अपनी दो महीने की गर्भावस्था का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत याचिका दायर की।
आरोपी की पहचान निदा खान के रूप में हुई है और उसने कहा कि उस पर लगाए गए आरोपों के लिए सात साल से कम की सजा का प्रावधान है।
निदा खान की याचिका पर नासिक सत्र न्यायालय में सोमवार को सुनवाई होगी।
निदा के वकील ने उनके खिलाफ लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनकी मुवक्किल पर अन्य महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप नहीं लगाया जा सकता।
नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने बताया था कि निदा खान पर आईटी फर्म के कार्यालय में धार्मिक उत्पीड़न की केवल एक शिकायत दर्ज है।
टीसीएस ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि निदा खान कुछ रिपोर्टों में बताए गए अनुसार मानव संसाधन प्रबंधक नहीं बल्कि एक सहयोगी है और उसने कभी कोई नेतृत्व वाली भूमिका नहीं निभाई है।
एक अधिकारी ने बताया कि नासिक पुलिस की अपराध शाखा की एक टीम निदा खान का पता लगाने के लिए ठाणे जिले के मुंब्रा में तैनात है और शुक्रवार को उनके पति से पूछताछ की गयी।
पुलिस ने बताया कि निदा खान के पति से उसके घर पर ही उसकी पत्नी के बारे में पूछताछ की गई।
पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया था, "जांच दल मुंब्रा में विशिष्ट सुरागों का पीछा कर रहा है। हमें जानकारी मिली है कि आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना ठिकाना बदल लिया है।"
एक अन्य अधिकारी के अनुसार, निदा के पति ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी एक रिश्तेदार के घर गई है।
हालांकि, जब पुलिस दल रिश्तेदार के घर पहुंचा, तो वह ताला लगा था।
उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी और उसके रिश्तेदार के मोबाइल फोन भी बंद थे।
पुलिस ने अब तक टीसीएस के आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें सात पुरुष और एक महिला प्रबंधक शामिल है।
मेमन और शेख उन सात कर्मचारियों में शामिल हैं जिन्हें अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि निदा खान फरार हैं।
बुधवार को एक संबंधित मामले में दोनों को फिर से गिरफ्तार किया गया और शनिवार को उनकी रिमांड अवधि समाप्त होने पर उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।
अन्य आरोपी पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं।
पुलिस ने मामले के प्रमुख गवाहों की पहचान करने और उनसे पूछताछ करने के लिए अदालत से उनकी रिमांड पांच दिन बढ़ाने का अनुरोध किया।
आरोपियों पर धार्मिक उद्देश्यों से प्रेरित होकर पुरुष और महिला सहकर्मियों के खिलाफ विभिन्न कृत्य करने का आरोप है।
पुलिस ने बताया कि इन अपराधों के व्यापक दायरे को देखते हुए विस्तृत पूछताछ की आवश्यकता है।
आरोपियों ने कथित तौर पर धार्मिक उद्देश्यों से प्रेरित होकर अपने पुरुष और महिला सहकर्मियों के खिलाफ कई कृत्य किए हैं।
पुलिस ने बताया कि इन अपराधों के व्यापक दायरे को देखते हुए विस्तृत पूछताछ आवश्यक है।
सरकारी वकील किरण बेंदभर और अनिकेत अव्हाड ने बताया कि दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं तथा नासिक के मुंबई नाका थाने में उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
भाषा जितेंद्र रंजन
रंजन
1804 2038 नासिक