प्रमोद सावंत ने विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन को 'महिला विरोधी' करार दिया
नरेश
- 19 Apr 2026, 04:54 PM
- Updated: 04:54 PM
पणजी, 19 अप्रैल (भाषा) गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने रविवार को विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन को "राष्ट्र-विरोधी" और "महिला-विरोधी" करार देते हुए उस पर 70 करोड़ महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व से वंचित करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को जानबूझकर कमजोर करने का आरोप लगाया।
सावंत ने पणजी में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा), तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की जमकर आलोचना की और उन्हें "परिवारवादी" पार्टियां बताया जो वर्षों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों का लगातार विरोध करती रही हैं।
इस संवाददाता सम्मेलन में गोवा भाजपा अध्यक्ष दामोदर नाइक, विधायक देविया राणे, गोवा प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष सुवर्णा तेंदुलकर और अन्य लोग उपस्थित थे।
महिला आरक्षण विधेयक को पारित नहीं होने देने के लिए विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए सावंत ने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन में "राष्ट्र-विरोधी" और "महिला-विरोधी" पार्टियां शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि 50 वर्षों तक देश पर शासन करने वाली कांग्रेस ने कभी भी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान नहीं किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''विपक्षी दल के पास महिला प्रधानमंत्री तो रही हैं, लेकिन उसने महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में कभी काम नहीं किया। इसीलिए, भाजपा की ओर से मैं गर्व से कहता हूं कि आज देश की राष्ट्रपति भाजपा द्वारा मनोनीत एक महिला हैं। मैं गर्व से कहता हूं कि अगर किसी ने वास्तव में महिलाओं का सम्मान करने के लिए काम किया है, तो वह भाजपा है।"
सावंत ने कहा कि सपा, कांग्रेस, द्रमुक और तृणमूल कांग्रेस सभी परिवारवादी पार्टियां हैं जिन्होंने केवल अपने परिवारों को बढ़ावा देने के लिए काम किया और मोदी सरकार की नीतियों का विरोध किया।
उन्होंने कहा, "पिछले 12 वर्षों में कांग्रेस ने भाजपा द्वारा शुरू की गई हर अच्छी पहल का विरोध किया है।" उन्होंने मोदी सरकार की उन नीतियों का उदाहरण दिया जिनका विपक्ष ने विरोध किया था, जिनमें तीन तलाक अधिनियम, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और जीएसटी शामिल हैं।
उन्होंने कहा, "जब भी भाजपा ने सुधार लाने की कोशिश की, कांग्रेस ने उनका विरोध किया। इसीलिए मैं कहता हूं कि कांग्रेस एक राष्ट्रविरोधी पार्टी है जिसने लगातार देश के खिलाफ काम किया है।"
सावंत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिला-केंद्रित शासन को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा, "भारत की 140 करोड़ आबादी में से लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं। इसलिए मैं कहता हूं कि अगर किसी ने 70 करोड़ महिलाओं के साथ अन्याय किया है, तो वह 'इंडिया' गठबंधन और उसके सहयोगी हैं।"
सावंत ने कहा कि देश की जनता चुनाव के दौरान विपक्षी दलों को उनकी औकात दिखाएगी और उन्हें समझाएगी कि महिलाओं का अपमान करना और उन्हें आरक्षण से वंचित करना क्या होता है।
गोवा भाजपा के अध्यक्ष दामोदर नाइक ने दावा किया कि इस विधेयक को पारित करने के लिए वर्षों से कई प्रयास किए गए हैं।
उन्होंने दावा किया, "इस विधेयक पर देवगौड़ा सरकार के समय और बाद में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय विचार किया गया था। हालांकि, उस समय भी, विशेषकर कांग्रेस की उसी मानसिकता के कारण, विधेयक पारित नहीं हो सका।"
उन्होंने आरोप लगाया कि जब अंततः 2023 में विधेयक पारित हुआ, तो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य पार्टी नेताओं ने इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए देश भर में संवाददाता सम्मेलन किए।
नाइक ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने विधेयक को एक राजनीतिक चाल या राजनीतिक पैंतरा बताया।
भाषा अमित नरेश
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1904 1654 पणजी