महिला आरक्षण : जम्मू में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया
नोमान
- 22 Apr 2026, 03:24 PM
- Updated: 03:24 PM
(तस्वीरों के साथ)
जम्मू, 22 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने महिला आरक्षण लागू करने के लिए लोकसभा में पेश संविधान संशोधन विधेयक को विपक्ष द्वारा बाधित किये जाने के खिलाफ बुधवार को यहां कांग्रेस कार्यालय तक मार्च निकाला।
कांग्रेस की जम्मू -कश्मीर इकाई ने भी भाजपा के खिलाफ अपने कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। केंद्र की मुख्य विपक्षी पार्टी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ''महिला सशक्तीकरण की आड़ में लोकतंत्र पर खुलेआम और हताशापूर्ण हमला'' कर रहा है।
भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष और सांसद सत शर्मा के नेतृत्व में, सांसदों और विधायकों के साथ पार्टी की महिला शाखा ने शहर के महाराजा हरि सिंह पार्क से 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' निकाली।
भाजपा की पदयात्रा में शामिल कार्यकर्ता कांग्रेस विरोधी नारे लगाते हुए वीर मार्ग स्थित विपक्षी पार्टी के कार्यालय की ओर बढ़े और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित विभिन्न विपक्षी नेताओं के पुतले फूंके।
प्रशासन ने भाजपा कार्यकर्ताओं को कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बड़े पैमाने पर अवरोधक लगाए थे और कांटेदार तार बिछाए थे।
विधायक युधवीर सेठी ने कहा कि यह रैली कांग्रेस और उसके सहयोगियों के खिलाफ विरोध जताने के लिए थी। उन्होंने संसद में विधेयक को पारित होने से रोकने के लिए विपक्षी दलों की कड़ी आलोचना की।
सेठी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक), तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा)जैसी पार्टियों ने अपनी ''स्वार्थी और वंशवादी राजनीति'' के कारण विधेयक का विरोध किया।
भाजपा विधायक ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''कांग्रेस को डर है कि उनकी वंशवादी व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी, इसलिए उन्होंने विधेयक को पारित होने से रोक दिया।''
सांसद जुगल किशोर ने कहा कि भारत के प्रत्येक नागरिक ने देखा है कि कैसे कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा महिला सशक्तीकरण की प्रगति को रोक दिया गया है और उनके सपनों को कुचल दिया गया है।
उन्होंने कहा, ''करोड़ों महिलाएं संसद की ओर देख रही थीं, लेकिन उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया गया।''
विपक्षी नेताओं के आचरण की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, ''यह देखकर दुख हुआ कि जब महिलाओं के कल्याण के लिए लाया गया प्रस्ताव खारिज हो गया, तब विपक्षी दल ताली बजा रहे थे। यह केवल मेज थपथपाना नहीं था, बल्कि महिलाओं की गरिमा और आत्मसम्मान पर हमला था।''
भाजपा के विरोध प्रदर्शन शुरू होने के तुरंत बाद, कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं ने भी केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ अपने कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया, जिसे उन्होंने ''महिला सशक्तीकरण की आड़ में लोकतंत्र पर एक स्पष्ट और हताश हमला'' करार दिया।
विपक्षी दल के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला ने किया। हालांकि, कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को आगे बढ़ने से रोक दिया गया क्योंकि भाजपा की रैली कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ रही थी।
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता नम्रता शर्मा ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विधेयक का पारित न होना यह दिखाता है कि भाजपा द्वारा महिलाओं के अधिकारों को हथियार बनाकर चुनावी ढांचे में राजनीतिक रूप से प्रेरित बदलाव करने का प्रयास स्वीकार नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से ही महिलाओं के आरक्षण के समर्थन में स्पष्ट रूप से खड़ी रही है और विधायी निकायों में 33 प्रतिशत आरक्षण का दृढ़ता से समर्थन करती है।
भाषा धीरज नोमान
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