युगे युगीन संग्रहालय : केंद्रीय मंत्री विचार-मंथन सत्र में हुए शामिल, फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल के साथ किया दौरा
प्रीति रंजन
- 29 Jun 2024, 09:43 PM
- Updated: 09:43 PM
नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शनिवार को अपने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रस्तावित युगे युगीन भारत संग्रहालय पर गहन विचार-विमर्श की बैठक में भाग लिया। साथ ही उन्होंने फ्रांस के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ इस स्थल का दौरा भी किया।
इस संग्रहालय का निर्माण रायसीना हिल परिसर के नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक में किया जाएगा।
शेखावत ने कहा, ''यह संग्रहालय भारत की समृद्ध विरासत और विकास का प्रमाण देगा क्योंकि अतीत से प्रेरणा लेकर इसका खाका तैयार किया गया है।''
मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि उन्होंने केंद्रीय संस्कृति सचिव गोविंद मोहन और संस्कृति मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारत मंडपम में आयोजित चार दिवसीय सत्र के अंतिम दिन आयोजित बैठक में भाग लिया।
इसने बताया कि पिछले कुछ दिनों से आयोजित किए जा रहे गहन विचार-मंथन सत्र और कार्यशालाओं ने प्रस्तावित विश्व के सबसे बड़े संग्रहालय के मुख्य परिचालन तत्वों के बारे में अमूल्य जानकारी प्रदान की। इन सत्रों में संग्रह प्रबंधन, संरक्षकीय कार्यों, प्रशासनिक कार्यों और प्रौद्योगिकी के रणनीतिक एकीकरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा की गई।
मंत्रालय ने कहा कि बैठक के दौरान हुई चर्चा से युगीन भारत संग्रहालय के विकास को आकार देने में मदद मिलेगी।
बयान में कहा गया कि केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी मथौ ने युगे युगीन भारत संग्रहालय पर गहन विचार-विमर्श की बैठक में भाग लिया।
बयान में शेखावत के हवाले से कहा गया, 'युगे युगीन भारत संग्रहालय पारंपरिक संग्रहालय अनुभव से आगे बढ़कर समावेशिता की भावना को मूर्त रूप देगा। यह लोगों का संग्रहालय होगा और यह लोकतंत्र की जननी के रूप में भारत की विरासत का प्रमाण होगा।''
गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''प्रस्तावित युग- युगीन भारत म्यूजियम पर विशेष बैठक कर संस्कृति मंत्रालय के अधिकारियों व अन्य विशेषज्ञों से राय मशवरा ली गई। इस क्रम में फ्रांस के राजदूत थिअरी मथोउ के साथ भोजनकाल में वार्ता भी हुई। फ़्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल के साथ नॉर्थ और साउथ ब्लॉक जाना भी हुआ।''
प्रस्तावित युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय में आठ विषयगत खंड होंगे जो 5,000 वर्षों से अधिक पुराने भारत की कहानी बताएंगे। इसे विश्व का सबसे बड़ा संग्रहालय बताया जा रहा है।
भाषा प्रीति