भाजपा हरियाणा में नायब सैनी के नेतृत्व में अकेले चुनाव लड़ेगी, फिर बनायेगी सरकार: अमित शाह
प्रीति रंजन
- 30 Jun 2024, 01:01 AM
- Updated: 01:01 AM
चंडीगढ़, 29 जून (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में अकेले लड़ेगी।
इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि पार्टी लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ हरियाणा की सत्ता को फिर से हासिल करेगी।
पार्टी की ओर से जारी एक बयान में शाह ने कहा कि भाजपा अगला विधानसभा चुनाव सैनी के नेतृत्व में लड़ेगी और वह ही अगले मुख्यमंत्री भी होंगे।
हरियाणा में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विस्तारित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि उन्हें इस बात में कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि भाजपा राज्य में होने वाले चुनावों के लिए किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी।
हरियाणा में अक्टूबर में विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं।
भाजपा के सूत्रों ने बताया कि बैठक में शाह ने कहा कि पार्टी को किसी बैसाखी की जरूरत नहीं है।
मीडिया को बैठक की कार्यवाही कवर करने की अनुमति नहीं दी गई।
अमित शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में भाजपा हरियाणा में तीसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।
सूत्रों के अनुसार, शाह ने बैठक के दौरान कहा कि राज्य में भाजपी की बहुमत की सरकार बनाने के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को घर-घर जाकर प्रत्येक मतदाता से अपील करनी होगी।
शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी छह दशक के बाद लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनने वाले पहले नेता हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की जीत का आधार पार्टी के सिद्धांत, कार्यकर्ताओं की मेहनत और भाजपा सरकार द्वारा किए गए जनकल्याणकारी कार्य हैं।
अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि हरियाणा कांग्रेस के नेता 'कटौती, कमीशन और भ्रष्टाचार' में लिप्त रहे हैं।
शाह ने कहा कि पहले हरियाणा में एक सरकार एक जिले के लिए काम करती थी, दूसरी सरकार दूसरे जिले के लिए, लेकिन भाजपा ने पिछले 10 वर्षों में पूरे हरियाणा में एक ही काम किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में कोई क्षेत्रीय पक्षपात नहीं है।
भाषा प्रीति