केजरीवाल 'बदले की राजनीति' कर रहे हैं : भाजपा ने संदीप पाठक पर मुकदमा दर्ज करने को लेकर कहा
पवनेश
- 02 May 2026, 06:42 PM
- Updated: 06:42 PM
नयी दिल्ली/ चंडीगढ़, दो मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब पुलिस द्वारा राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल बदले की राजनीति कर रहे हैं।
पाठक और छह अन्य राज्यसभा सदस्य हाल ही में आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
भाजपा ने आरोप लगाया गया कि पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति चरमरा गई है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया कि पुलिस की कार्रवाई गलत प्राथमिकताओं को दर्शाती है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''पंजाब पुलिस पाठक के आवास पर गई और छापेमारी की कोशिश की। हम पूछना चाहते हैं कि क्या कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी कमजोर हो गई है कि पुलिस मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने में असमर्थ है,लेकिन उसका इस तरह से इस्तेमाल किया जा रहा है?''
त्रिवेदी ने केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा, ''जो लोग एक नयी तरह की राजनीति करने का दावा करते हैं, उन्हें यह समझाना चाहिए कि उनके राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से कैसे ध्वस्त हो गई है।''
पंजाब के विपक्षी दलों ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि राज्य विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री मान शराब के नशे में आए थे। इस आरोप का जिक्र करते हुए त्रिवेदी ने आम आदमी पार्टी (आप)सरकार पर शासन बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ''मैं आम आदमी पार्टी, पंजाब सरकार और विशेष रूप से केजरीवाल से स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि यह एक खोखला दिखावा है।''
भाजपा के एक अन्य राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में दावा किया कि केजरीवाल राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को निपटाने के लिए पंजाब पुलिस का दुरुपयोग कर रहे हैं, और मुख्यमंत्री भगवंत मान भी इसमें भागीदार बन गए हैं।
पूनावाला ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''संदीप पाठक के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जो हाल ही तक आप के राज्यसभा सदस्य और पार्टी महासचिव (संगठन) थे। हैरानी की बात यह है कि अरविंद केजरीवाल भगवंत मान की मिलीभगत से बेशर्मी से बदले की राजनीति कर रहे हैं।''
उन्होंने आरोप लगाया, ''स्पष्ट है कि यह केजरीवाल द्वारा प्रतिशोध की राजनीति के तहत किया गया है, जो बेहद प्रतिशोधी और द्वेषपूर्ण हैं। इस तरह के राजनीतिक प्रतिशोध के लिए वे पंजाब पुलिस का दुरुपयोग करते हैं।''
पूनावाला ने प्राथमिकी दर्ज करने के समय पर सवाल उठाते हुए कहा, ''अगर ये मामले शुरू से मौजूद थे, तो प्राथमिकी पहले क्यों दर्ज नहीं की गईं? अगर वह भ्रष्ट थे, तो उन्हें इतने लंबे समय तक पार्टी में क्यों रखा गया, खासकर तब जब वह (संगठन के) महासचिव थे? क्या पिछले कुछ दिनों में कोई नई जानकारी सामने आई है, या कथित भ्रष्टाचार अभी हुआ है?''
उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल को राजनीतिक विरोधियों और असंतुष्टों को निशाना बनाने की ''पुरानी आदत'' है।
पूनावाला ने राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस लेने का संदर्भ देते हुए कहा, ''हमने देखा है कि कैसे उन्होंने कांग्रेस नेताओं समेत अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पुलिस का इस्तेमाल किया है। यह उनकी पुरानी आदत है।''
उन्होंने दावा किया कि योगेंद्र यादव, मयंक गांधी, आशीष खेतान, आशुतोष और अलका लांबा सहित कई नेताओं ने गत वर्षों में आप छोड़ दी, क्योंकि उन्हें 'परेशान' किया गया।
उन्होंने आप पर आत्मचिंतन करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
पूनावाला ने कहा, ''अन्ना से लालू तक, लोकपाल से भ्रष्टाचार तक, अपने बदलावों पर आत्मनिरीक्षण करने के बजाय, वे प्रतिशोध की राजनीति में संलिप्त हैं और कानून के बल पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। यह आपातकाल जैसी मानसिकता और हिटलर की तानाशाही जैसी मानसिकता को दर्शाता है।''
पंजाब के भाजपा नेताओं ने भी पाठक के खिलाफ की गई कार्रवाई की निंदा की।
भाजपा की पंजाब इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में आप पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, ''जिन लोगों को आपके नेता कुछ दिन पहले तक अपना चहेता कह रहे थे, आज जैसे ही वे पार्टी बदलते हैं, उनमें खामियां दिखने लगती हैं। क्या यह आम आदमी पार्टी के दोहरे मापदंड का सबूत नहीं है?''
जाखड़ से जब बाद में प्राथमिकी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके पास फिलहाल मामलों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने भी पाठक के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की आलोचना करते हुए इसे ''राजनीतिक प्रतिशोध'' करार दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि आप सरकार राज्य पुलिस का दुरुपयोग ''राजनीतिक हथियार'' के रूप में कर रही है।
शर्मा ने पंजाबी भाषा में किये गए एक पोस्ट में आरोप लगाया, ''राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक के आप छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद पंजाब में उनके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में दर्ज प्राथमिकी से स्पष्ट होता है कि केजरीवाल और मान द्वारा पुलिस को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।''
उन्होंने कहा, ''यह महज एक प्राथमिकी नहीं है। यह भय, दहशत और प्रतिशोध की राजनीति है।''
सूत्रों के मुताबिक, संदीप पाठक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में दो प्राथमिकी दर्ज की गई है। हालांकि, इन प्राथमिकियों की विस्तृत जानकारी अबतक नहीं दी गई है।
आप को 24 अप्रैल को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके 10 राज्यसभा सदस्यों में से सात- राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल- ने पार्टी के सिद्धांतों, मूल्यों और मूल सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। पार्टी छोड़ने वाले सात सांसदों में से छह पंजाब से निर्वाचित हुए हैं।
राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर सातों सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी दे दी, जिससे उच्च सदन में आप के सदस्यों की संख्या घटकर तीन रह गई।
भाषा
धीरज पवनेश
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