बंगाल में नयी सरकार का शपथग्रहण नौ मई को; मोदी, शाह के शामिल होने की संभावना
पवनेश
- 06 May 2026, 10:37 PM
- Updated: 10:37 PM
कोलकाता, छह मई (भाषा) पश्चिम बंगाल में भाजपा की पहली सरकार का शपथग्रहण समारोह नौ मई को यहां ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा, जो दशकों तक राजनीतिक हाशिये पर रहने के बाद राज्य में भगवा खेमे के सत्ता में आने का प्रतीक होगा।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, हालांकि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह अब भी रहस्य बना हुआ है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को इस पद के लिए सबसे आगे माना जा रहा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और पूर्व राज्यसभा सदस्य स्वप्न दासगुप्ता के नाम भी इस दौड़ में शामिल हैं।
शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, कई केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा तथा राजग शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि केंद्रीय आलाकमान सरकार का नेतृत्व करने के लिए बंगाल की भाषाई और सांस्कृतिक परंपराओं से गहराई से जुड़े एक ''भूमिपुत्र'' चेहरे को लाना चाहता है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बुधवार को घोषणा की, ''नयी भाजपा सरकार 9 मई को सुबह 10 बजे ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ लेगी।''
अधिकारी ने नंदीग्राम में हनुमान जी की पूजा-अर्चना की और राज्य में सत्ता में आने के लिए पार्टी के लंबे संघर्ष के दौरान राजनीतिक हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा, ''हम इस तरह से काम करेंगे कि बंगाल में भाजपा सरकार 100 साल तक बनी रहे।''
अधिकारी ने उम्मीद जताई कि आने वाले चुनावों में भाजपा का 'वोट शेयर' मौजूदा 46 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा।
दो निर्वाचन क्षेत्रों से निर्वाचित अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व उन्हें इस बारे में मार्गदर्शन देगा कि उन्हें कौन सी सीट बरकरार रखनी है।
उन्होंने कहा, ''मैं 10 दिन के भीतर एक सीट खाली कर दूंगा। पार्टी तय करेगी कि मैं कौन सी सीट बरकरार रखूंगा। मैं भवानीपुर और नंदीग्राम के लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं भूलूंगा।''
अधिकारी ने भवानीपुर में बनर्जी को 15 हजार से अधिक मतों से हराकर उस सीट पर कब्जा कर लिया जिसे लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस प्रमुख का सबसे सुरक्षित गढ़ माना जाता था। उन्होंने नंदीग्राम से भी जीत हासिल की, जिससे भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में लड़ी गईं 293 सीट में से 207 सीट जीत लीं।
चुनाव प्रचार के दौरान, शाह ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि बंगाल में भाजपा का मुख्यमंत्री ''भूमिपुत्र'' होगा, जिसका जन्म और शिक्षा-दीक्षा राज्य में ही हुई होगी। उन्होंने यह बात बार-बार तृणमूल कांग्रेस के उस आरोप को गलत साबित करने के लिए कही जिसमें भाजपा पर बंगाल के सामाजिक और बौद्धिक लोकाचार से अलग एक ''बाहरी" राजनीतिक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने का आरोप लगाया गया था।
खास बात यह है कि शपथग्रहण समारोह बंगाली पंचांग के बैसाख महीने के 25वें दिन आयोजित किया जाएगा जिसे पूरे राज्य में रवींद्र जयंती के रूप में मनाया जाता है, जो रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है। इससे कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रतीकात्मकता की झलक नजर आएगी।
राजनीतिक हलकों में इस तारीख के चयन को भाजपा द्वारा बंगाल की सांस्कृतिक परिकल्पना में अपने ऐतिहासिक उदय को स्थापित किए जाने और अपनी पहचान से संबंधित आरोपों का मुकाबला करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
पिछले एक दशक में, भाजपा ने बंगाल के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रतीकों - टैगोर और स्वामी विवेकानंद से लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस तथा श्यामा प्रसाद मुखर्जी तक - को राज्य में अपने भावनात्मक एवं राजनीतिक प्रभाव को बढ़ाने के व्यापक वैचारिक प्रयास के हिस्से के रूप में लगातार अपनाकर उनकी पुनर्व्याख्या करने का प्रयास किया है।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का चयन करते समय नेतृत्व राज्य की प्रतिस्पर्धी क्षेत्रीय आकांक्षाओं को संतुलित करने की आवश्यकता के प्रति भी सचेत है, और इस बात पर भी चर्चा हो रही है कि क्या उत्तरी बंगाल को अधिक प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए, जहां भाजपा ने लगातार चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया है।
इस बीच, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बंगाल चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह जताया और मांग की कि उच्चतम न्यायालय मतगणना की वीडियो रिकॉर्डिंग को सार्वजनिक करने का आदेश दे।
यादव ने कहा, ''जब अदालती कार्यवाही का सीधा प्रसारण हो सकता है, तो मतगणना का सीधा प्रसारण क्यों नहीं हो सकता?''
उन्होंने कहा, ''सीसीटीवी लाइव क्यों नहीं है? वे इससे इतना डरते क्यों हैं? हम मांग करते हैं कि उच्चतम न्यायालय पश्चिम बंगाल चुनाव का तत्काल संज्ञान ले और मतगणना का वीडियो देश की जनता के सामने रखे।''
विजय की तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) को समर्थन देने की घोषणा किए जाने के बाद कांग्रेस को द्रमुक द्वारा ''पीठ में छुरा घोंपने वाला'' कहे जाने से संबंधित सवाल पर यादव ने सीधा जवाब नहीं दिया।
उन्होंने कहा, ''मैं आपको क्यों बताऊं कि मैं किस पर भरोसा करूंगा या नहीं?''
यादव ने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश में हुए कुछ चुनावों और उपचुनावों में मतगणना प्रक्रिया के दौरान अनियमितताएं पाई गई थीं।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान जो हुआ, वह अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर दोहराया जा सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया, ''बंगाल में जो कुछ हुआ है, वही वे उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर करेंगे। बहुस्तरीय चुनावी माफिया एक साथ मिलकर काम करेंगे, और अधिक शोध करेंगे तथा उत्तर प्रदेश में सक्रिय होंगे।''
भाजपा सूत्रों ने कहा कि नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों की बैठक आठ मई की शाम बुलाई गई है।
ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाला समारोह न केवल सत्ता हस्तांतरण का प्रतीक माना जा रहा है, बल्कि पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक निर्णायक क्षण भी है, जो भाजपा की राज्य में हाशिये से सत्ता के केंद्र तक की लंबी वैचारिक और संगठनात्मक यात्रा को दर्शाता है। पश्चिम बंगाल ने भारत के अन्य हिस्सों में देखी गई भगवा लहर को दशकों तक स्वीकार नहीं किया था।
भाषा नेत्रपाल पवनेश
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