पंजाब के मुख्यमंत्री मान ने बेअदबी विरोधी कानून लागू होने के बाद 'शुक्राना यात्रा' शुरू की
अविनाश
- 07 May 2026, 12:16 AM
- Updated: 12:16 AM
श्री आंनदपुर साहिब, छह मई (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बेअदबी विरोधी कानून लागू होने के बाद बुधवार को चार दिवसीय 'शुक्राना यात्रा' शुरू की।
श्री आनंदपुर साहिब में तख्त श्री केसगढ़ साहिब में मत्था टेकने के बाद वह 'शुक्राना यात्रा' पर निकले।
मान ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान के अपराधियों के साथ मिलीभगत करने वालों को जल्द ही सलाखों के पीछे डाल दिया जाएगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब में अब 'बेअदबी' कानून लागू है।
मुख्यमंत्री श्री आनंदपुर साहिब में मंत्री हरजोत सिंह बैंस के साथ थे। उन्होंने कहा कि यह यात्रा "जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम 2026 को लागू करके मानवता की सेवा करने का अवसर प्रदान करने के लिए सर्वशक्तिमान ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने" के लिए की जा रही है।
पंजाब सरकार ने पिछले महीने गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान के खिलाफ कानून 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026' को अधिसूचित किया, जिसमें सिखों के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान के किसी भी कृत्य के लिए आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये तक के जुर्माने सहित कठोर दंड का प्रस्ताव है।
श्री आनंदपुर साहिब के बाद, मान ने मार्ग में अन्य स्थानों पर भी सभाओं को संबोधित किया।
"शुक्राना यात्रा" के दौरान मान ने शहीद भगत सिंह के पैतृक गांव खटकर कलां में भी एक सभा को संबोधित किया।
वहां की सभा में मान ने कहा कि हालांकि पंजाब सरकार महान शहीदों द्वारा दिखाए गए मार्ग का अनुसरण करने के लिए प्रतिबद्ध है, फिर भी भगत सिंह और अन्य महान शहीदों द्वारा परिकल्पित स्वतंत्रता का सपना अब भी अधूरा है।
उन्होंने कहा, "यह वह भारत नहीं है जिसके लिए हमारे शहीदों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। आज विभाजनकारी राजनीति और समुदायों के बीच संघर्ष पैदा करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यह लोकतंत्र और राष्ट्रवाद की मूल भावना के विरुद्ध है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार स्वतंत्रता सेनानियों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए निरंतर काम कर रही है और शहीदों के बलिदान को कभी भी व्यर्थ नहीं जाने देगी।
मान ने कहा कि 'बेअदबी' की हर घटना ने लाखों लोगों की भावनाओं को गहरी चोट पहुंचाई है।
उन्होंने कहा कि हालांकि लोग हमेशा उम्मीद करते हैं कि दोषियों को सजा मिलेगी, लेकिन कानूनी खामियों के कारण आरोपी बार-बार मानसिक अस्थिरता का दावा करके बरी हो जाते हैं।
मान ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "खालसा पंथ की स्थापना स्थली से 'शुक्राना यात्रा' (श्री आनंदपुर साहिब से) शुरू हो गई है। 'बेअदबी' को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की जिम्मेदारी सौंपने के लिए गुरु साहब के चरणों में कृतज्ञता अर्पित की जा रही है। पंजाब में शांति और 'सरबत दा भला' के लिए प्रार्थनाएं जारी रहेंगी।"
भाषा अविनाश तान्या
अविनाश
0705 0016 श्री आनंदपुर साहिब