जम्मू-कश्मीर में विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए जनता दरबार आयोजित किया जाए : भाजपा
उन्होंने कहा कि यह लोगों और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण संचार सेतु का काम करेगा।
- 01 Jul 2024, 04:40 PM
- Updated: 04:40 PM
जम्मू, एक जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू-कश्मीर इकाई ने सोमवार को मांग की कि उपराज्यपाल प्रशासन को विस्थापित कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए जनता दरबार आयोजित करना चाहिए ताकि उनकी शिकायतों और मुद्दों का समाधान किया जा सके।
उपराज्यपाल प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर के सभी बीस जिलों में 28 दिवसीय जनता दरबार का कैलेंडर जारी किया है, जिसका संचालन प्रशासनिक सचिवों सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा तीन जुलाई से शुरू होगा।
सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश में कहा गया, “उपायुक्त इन दरबारों के आयोजन की देखरेख करेंगे और अपने-अपने जिलों में पहले से ही इनका व्यापक प्रचार सुनिश्चित करेंगे।”
पूर्व विधायक और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रवक्ता जी.एल. रैना ने मांग की कि विस्थापित समुदाय के लिए शिविरों में जनता दरबार आयोजित किए जाने चाहिए, “क्योंकि उन्हें किसी विशेष जिले से संबंधित न होने की दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ता है।”
उन्होंने कहा कि 70,000 से अधिक विस्थापित कश्मीरी पंडित जम्मू जिले में पांच प्रवासी शिविरों और अन्यत्र भी रह रहे हैं।
रैना ने इस बात पर प्रकाश डाला कि वे जम्मू क्षेत्र के एक जिले की क्षेत्रीय सीमा के भीतर रहते हैं, लेकिन उन्हें कश्मीर घाटी में अपने मूल जिलों से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, “ऐसी स्थिति में प्रशासनिक सचिवों द्वारा अलग-अलग दरबार आयोजित करने से उन्हें अपनी चिंताओं को समावेशी ढंग से व्यक्त करने का अवसर मिलेगा।”
रैना ने प्रशासन द्वारा इस पहल की आवश्यकता को मान्यता दिए जाने को लेकर आशा व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि यह उनकी चिंताओं को प्रभावी ढंग से दूर करने में सफल होगा।
भाजपा प्रवक्ता ने जुलाई में विभिन्न जिलों में जनता दरबार आयोजित करने के लिए प्रशासनिक सचिवों के लिए नया रोस्टर जारी करने का स्वागत किया।
उन्होंने कहा, ‘‘विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिवों के कार्यक्रम का विवरण देते हुए एक नया रोस्टर प्रकाशित किया गया है, जिसमें जनता दरबारों की तिथियां और स्थान निर्दिष्ट किए गए हैं।’’
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘यह उत्तरदायी प्रशासन सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।’’
उन्होंने कहा कि यह लोगों और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण संचार सेतु का काम करेगा।