आरजी कर मामला : पीड़िता के परिवार ने न्याय की उम्मीद जतायी
अविनाश
- 15 May 2026, 07:04 PM
- Updated: 07:04 PM
कोलकाता, 15 मई (भाषा) आर जी कर अस्पताल में दुष्कर्म के बाद हत्या की शिकार हुई महिला चिकित्सक के अभिभावकों ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जांच का दायरा बढ़ाने और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित करने के फैसले की शुक्रवार को सराहना की।
पीड़िता के माता-पिता ने कहा कि इस कदम से न्याय की उनकी उम्मीदें फिर से जगी हैं। उन्होंने कहा कि मामले में और अधिक गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पीड़िता की मां और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक रत्ना देबनाथ ने कहा कि हाल के घटनाक्रम एक नयी न्यायिक प्रक्रिया की शुरुआत के संकेत हैं।
देबनाथ ने इस संबंध में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा जारी आदेश के लिए उन्हें धन्वाद देते हुए कहा, ''मेरा मानना है कि यह न्याय की राह में एक नए चरण की शुरुआत है। अब और लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।''
इससे पहले दिन में, शुभेंदु ने कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत गोयल, पूर्व पुलिस उपायुक्त (केंद्रीय) इंदिरा मुखर्जी और पूर्व पुलिस उपायुक्त (उत्तर) अभिषेक गुप्ता के निलंबन की घोषणा करते हुए कहा कि जांच से स्पष्ट होगा कि इन अधिकारियों ने किसके निर्देशों पर काम किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए उन आरोपों की जांच होनी चाहिए कि पुलिस अधिकारियों ने कथित तौर पर तत्कालीन राज्य सरकार के नाम पर उन्हें पैसे देने की कोशिश की थी।
इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए देबनाथ ने पूर्ववर्ती सरकार से इसकी तुलना की। उन्होंने कहा, ''पिछली सरकार भी ऐसे निर्देश जारी कर सकती थी, लेकिन उसने नहीं किए। यही दोनों मुख्यमंत्रियों में अंतर है।''
पीड़िता की मां ने कहा कि परिवार ने जांच में बार-बार अनियमितताओं का आरोप लगाया था।
उन्होंने कहा, ''पहले कोई कार्रवाई नहीं की गई। मेरी बेटी के मामले में गलत जानकारी दी गई थी। हम मुख्यमंत्री के फैसले से खुश हैं।''
देबनाथ ने अपनी बेटी के लिए न्याय सुनिश्चित करने की खातिर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया था।
भाजपा ने हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान आरजी कर मामले में न्याय सुनिश्चित करने का वादा किया था।
देबनाथ ने बुधवार को अदालत में याचिका दायर कर पनिहाटी के पूर्व विधायक निर्मल घोष और तृणमूल के दो अन्य स्थानीय नेताओं सोमनाथ दास और संजीव मुखोपाध्याय की गिरफ्तारी की मांग की थी।
पनिहाटी की मौजूदा विधायक ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के दूसरे पोस्टमार्टम को रोकने के प्रयास किए गए थे और दावा किया कि शव का अंतिम संस्कार जल्दबाजी में बिना पूरे दस्तावेज सौंपे ही कर दिया गया था।
पीड़ित के पिता ने आरोप लगाया कि दोषियों को बचाने के लिए लगातार प्रयास किए गए थे।
उन्होंने कहा, ''हमने बार-बार कहा था कि दोषियों को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने एक मिसाल कायम की है ताकि कानून की रक्षा करने का जिम्मा संभालने वाले लोग अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने की हिम्मत न करें।''
आरजी कर की घटना नौ अगस्त, 2024 को हुई थी।। राज्य सरकार द्वारा संचालित अस्पताल के एक सेमिनार हॉल के अंदर ड्यूटी पर तैनात एक कनिष्ठ महिला चिकित्सक मृत पाई गई थी। इस घटना को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन हुए थे।
भाषा धीरज अविनाश
अविनाश
1505 1904 कोलकाता