भाजपा ने ममता बनर्जी को चोट के संबंध में डॉक्टर के दावे को लेकर जांच की मांग की
आशीष दिलीप
- 15 Mar 2024, 08:53 PM
- Updated: 08:53 PM
कोलकाता, 15 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अपने आवास पर ‘‘पीछे से कोई धक्का लगने के कारण’’ गिरकर चोटिल होने संबंधी दावों के संबंध में गहन जांच की मांग की। वहीं, सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा से मामले का राजनीतिकरण नहीं करने को कहा।
राज्य संचालित एसएसकेएम अस्पताल के निदेशक मणिमोय बंद्योपाध्याय ने कहा था कि बनर्जी अपने कालीघाट आवास पर ‘‘पीछे से कोई धक्का लगने के कारण’’ गिर गईं, जिससे उनके माथे और नाक पर चोटें आईं। हालांकि, बंद्योपाध्याय ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि उनका मतलब केवल यह था कि ‘‘धक्का लगने जैसा महसूस हुआ होगा।’’
बनर्जी (69) को बृहस्पतिवार शाम दक्षिण कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास के अंदर गिरने के दौरान माथे और नाक पर चोट लग गई थी।
घटना पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद दिलीप घोष ने कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘एसएसकेएम अस्पताल के निदेशक ने कल रात कहा कि मुख्यमंत्री को पीछे से धक्का दिया गया था। आज सुबह उन्होंने कुछ अलग बात कही। मुख्यमंत्री के साथ क्या हुआ और वह कैसे गिरीं, हमारा मानना है इसकी उचित जांच होनी चाहिए। यह जानना बंगाल के हर नागरिक का अधिकार है कि क्या हुआ था।’’
दावों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए टीएमसी की वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल के मंत्री शशि पांजा ने कहा कि मामले का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘अस्वस्थ महसूस होने पर कभी आप गिर जाते हैं और ऐसा महसूस होता है कि किसी ने आपको धक्का दिया। चिकित्सा विज्ञान में यह बहुत सामान्य है। डॉक्टर ने बाद में स्पष्ट किया कि उनका क्या मतलब था और हम सभी ने मुख्यमंत्री की खून बहने की तस्वीरें देखी हैं, इसलिए हम अनुरोध करेंगे कि इस मामले का राजनीतिकरण न करें।’’
एसएसकेएम के निदेशक ने बृहस्पतिवार को कहा था कि बनर्जी ‘‘पीछे से कोई धक्का लगने के कारण गिर गईं।’’ बंद्योपाध्याय के इस बयान के कारण टीएमसी प्रमुख के गिरने की वजह को लेकर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे। बंद्योपाध्याय ने शुक्रवार को कहा, ‘‘उन्हें (मुख्यमंत्री बनर्जी) पीछे से धक्का लगने का एहसास हुआ होगा। हमारा काम इलाज करना है और हमने वह किया है। मैंने कल जो कहा, उसका गलत मतलब निकाला गया।’’
भाषा आशीष