लखीमपुर खीरी सड़क दुर्घटना में मरने वालों में शिक्षिका और इंजीनियर भी शामिल
जोहेब
- 18 May 2026, 09:27 PM
- Updated: 09:27 PM
लखीमपुर खीरी (उप्र), 18 मई (भाषा) लखीमपुर खीरी जिले में सोमवार को हुए सड़क हादसे में मरने वाले 10 लोगों में ड्यूटी पर जा रही एक शिक्षिका, नौकरी के लिये खाड़ी देश जाने की तैयारी कर रहा एक युवा इंजीनियर और अपने गरीब परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा दिहाड़ी मजदूर भी शामिल हैं।
सिसैया-लखीमपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ऊंचगांव और भरेहटा गांवों के बीच हुई इस दुर्घटना में मरने वाले लोगों में बहराइच, सीतापुर और लखीमपुर खीरी जिलों के रहने वाले लोग शामिल हैं। दुर्घटना के साथ ही कई परिवारों की उम्मीदें और सपने हमेशा के लिए खत्म हो गए।
पुलिस ने बताया कि लखीमपुर से सिसैया जा रही एक वैन की सामने से आ रहे एक ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई जिसमें वैन चालक समेत सभी 10 लोगों की मौत हो गयी।
उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में मारे गये लोगों में 44 साल की गायत्री वैश्य भी शामिल थीं जो रैबोजा में स्थित बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल में शिक्षिका थीं।
गायत्री के सहकर्मियों ने उन्हें छात्रों और कर्मचारियों दोनों के साथ बहुत अच्छे संबंध रखने वाली बेहद समर्पित शिक्षिका बताया।
स्कूल की प्रधानाध्यापिका रीना ने बताया कि सीतापुर जिले की रहने वाली गायत्री शनिवार को अपने परिवार से मिलने घर गई थीं और सोमवार सुबह हादसे के समय ड्यूटी पर लौट रही थीं।
उन्होंने बताया कि गायत्री के परिवार में उनके पति, एक बेटा और एक बेटी हैं।
हादसे में जान गंवाने वाला 25 साल का इंजीनियर जयवीर सिंह बहराइच जिले के मंगौधिया गांव का रहने वाला था।
सिंह के चाचा जितेंद्र ने बताया कि उसने बेहतर वेतन वाली नौकरी मिलने के बाद मुम्बई की एक कम्पनी से इस्तीफा दिया था और वह नौकरी करने के लिये 21 मई को एक खाड़ी देश जाने की तैयारी कर रहा था।
जितेंद्र ने बताया कि जयवीर ने 16 मई को इस्तीफा दिया था और विदेश जाने से पहले अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए दिल्ली से घर लौट रहा था।
लखीमपुर खीरी में हुआ भीषण हादसा बहराइच जिले के देवदत्तपुर गांव में रहने वाले श्रमिक पप्पू (18) के परिवार पर भी गम का पहाड़ बनकर टूटा।
ग्रामीणों के मुताबिक अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य पप्पू हादसे के समय मजदूरी करके घर लौट रहा था।
बहराइच जिले के मिहींपुरवा के रहने वाले व्यवसायी राजेश गोयल की भी इस दुर्घटना में मौत हो गयी।
परिवार के लोगों ने बताया कि गोयल अपने कारोबार के सिलसिले में लखनऊ में गये थे और फिर वह लखीमपुर में अपनी बहन से मिलने चले गये थे लेकिन घर लौटते समय जानलेवा हादसा हो गया।
गोयल के रिश्तेदारों के लिये उनकी मृत्यु बहुत बड़ा सदमा है। उनके परिवार में एक बेटी है, जो नोएडा में नौकरी करती है।
इस दुर्घटना में पवन कुमार और सोहन नामक दो भाइयों की भी मौत हो गई। दोनों के माता-पिता, रिश्तेदारों और पड़ोसियों को विश्वास ही नहीं हो रहा है कि दोनों भाई अब इस दुनिया में नहीं हैं।
लखीमपुर खीरी जिले के सिसैया का रहने वाला 19 वर्षीय अदनान भी दुर्घटना के शिकार हुआ। अपने घर लौट रहे अदनान को इस बात का अंदाजा भी नहीं होगा कि मौत उसका इंतजार कर रही है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया है।
भाषा सं. सलीम जोहेब
जोहेब
1805 2127 लखीमपुर