कानपुर पुलिस ने शिक्षा धोखाधड़ी रैकेट का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
रंजन
- 18 May 2026, 10:37 PM
- Updated: 10:37 PM
कानपुर (उप्र), 18 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के कानपुर के किदवई नगर में पुलिस ने फर्जी डिग्री दिलाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसके दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने सोमवार को 'पीटीआई—भाषा' को बताया कि देश के कई राज्यों में सक्रिय यह गिरोह कई सालों से सक्रिय था और हाई स्कूल और स्नातक के दस्तावेजों से लेकर परास्नातक, एलएलबी, बी.फार्मा और यहां तक कि पीएचडी तक की जाली डिग्रियां मुहैया कराता था।
उन्होंने बताया कि किदवई नगर थाने की पुलिस और विशेष जांच टीम (एसआईटी) के एक संयुक्त अभियान में गिरोह के दो प्रमुख सदस्यों हैदराबाद निवासी मनीष उर्फ रवि और उन्नाव के रहने वाले अर्जुन यादव को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने इस रैकेट को फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों का एक अत्यधिक संगठित 'होम डिलीवरी' नेटवर्क बताया है।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि छापेमारी के दौरान पुलिस ने लगभग 80 फर्जी माइग्रेशन सर्टिफिकेट, जाली अंकपत्र और डिग्रियां, विश्वविद्यालयों की नकली मुहरें, दो लैपटॉप और दो मोबाइल फोन बरामद किये जिनमें हजारों लोगों से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड मौजूद थे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि बरामद किये गये जाली दस्तावेजों पर कई विश्वविद्यालयों और संस्थानों के नाम लिखे थे, जिनमें लिंगायाज विद्यापीठ, मंगलायतन विश्वविद्यालय, जे.एस. विश्वविद्यालय, ग्लोकल यूनिवर्सिटी, सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी और छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय आदि शामिल हैं।
सूत्रों ने बताया कि इस रैकेट से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि एक अन्य आरोपी ने मनीष के खाते में कथित तौर पर लगभग 16 लाख रुपये भेजे गये थे जबकि अर्जुन यादव से सम्बन्धित लगभग 20 लाख रुपये के लेन-देन का पता भी चला है।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने मनीष की बॉलीवुड हस्तियों और खिलाड़ियों के साथ 60 से अधिक तस्वीरें भी बरामद की हैं।
एसआईटी से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि अब इस बात की जांच की जा रही है कि क्या इन मशहूर हस्तियों से संबंधों का इस्तेमाल विश्वसनीयता बनाने और ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए किया गया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मनीष 'ग्लोबल बुक ऑफ एक्सीलेंस अवार्ड यूके लंदन' नाम का एक संगठन भी चलाता था। उन्होंने बताया कि यह संगठन कथित तौर पर मुंबई, गोवा और बेंगलूरू में पुरस्कार समारोह आयोजित करता था, जिनमें मशहूर हस्तियों और सार्वजनिक हस्तियों को सम्मानित किया जाता था।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि वह दुबई में ऐसा ही एक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा था, जिसमें तनवीर नाम का एक व्यक्ति उसकी मदद कर रहा था लेकिन हाल ही में सत्यपान से जुड़े मसलों के चलते इसकी योजना को रद्द कर दिया गया था।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के विभिन्न प्रावधानों तथा धोखाधड़ी एवं अन्य संबंधित आरोपों के तहत मामले दर्ज किये गये हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच का दायरा बढ़ने पर और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है और यह हाल के वर्षों में सामने आए सबसे बड़े जाली डिग्री गिरोहों में से एक हो सकता है।
कानपुर पुलिस ने करीब तीन महीने पहले ही एक और जाली डिग्री गिरोह का भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने नौ राज्यों में फैले उस गिरोह के सदस्यों के पास से 14 विभिन्न विश्वविद्यालयों से जुड़े 900 जाली अंकपत्र और दस्तावेज जब्त किये थे। इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
भाषा सं. सलीम रंजन
रंजन
1805 2237 कानपुर