प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति सहित देश-प्रदेश के नेताओं ने बी सी खंडूरी के निधन पर शोक जताया
राजकुमार
- 19 May 2026, 07:10 PM
- Updated: 07:10 PM
(फाइल फोटो के साथ)
देहरादून, 19 मई (भाषा) उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र (बी सी) खंडूरी के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित देश और प्रदेश के नेताओं ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है ।
राजनीति में सशक्त पहचान रखने वाले 91 वर्षीय खंडूरी का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद यहां के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया ।
खंडूरी के निधन का समाचार फैलते ही देश-प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गयी तथा उनके समर्थक और शुभचिंतक अस्पताल और उनके आवास पहुंचे ।
राष्ट्रपति मुर्मू ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में खंडूरी के निधन को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवा देने के बाद उन्होंने जन सेवा के क्षेत्र में ईमानदारी, सादगी, पारदर्शिता और विकास की राजनीति का उदाहरण प्रस्तुत किया ।
उन्होंने कहा,''देश के तथा उत्तराखंड के विकास, सुशासन और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा याद रखी जायेगी। मैं उनके शोकसंतप्त परिवारजनों और शुभचिंतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करती हूं ।''
प्रधानमंत्री ने खंडूरी के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी संवेदनाएं उनके परिजनों और समर्थकों के साथ हैं। मोदी ने कहा कि सशस्त्र बलों से लेकर राजनीति तक उनके बहुमूल्य योगदान को सदैव याद किया जाएगा ।
उन्होंने कहा,'' उत्तराखंड के विकास के लिए वह हमेशा समर्पित रहे, जो मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में भी साफ तौर पर दिखा। केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उनका कार्यकाल हर किसी को प्रेरित करने वाला है। देश भर में कनेक्टिविटी की बेहतरी के लिए उन्होंने निरंतर अथक प्रयास किए।''
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी दिवंगत नेता के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। शोक संदेश में उपराष्ट्रपति ने कहा कि खंडूरी के निधन से देश ने एक विशिष्ट सैनिक, एक सक्षम प्रशासक और असाधारण सत्यनिष्ठा वाले राजनेता को खो दिया है।
राधाकृष्णन ने कहा कि स्वर्णिम चतुर्भुज और राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम के माध्यम से भारत की सड़क अवसंरचना को बदलने में खंडूरी का दूरदर्शी योगदान देश के विकास पथ में एक मील का पत्थर बना रहेगा।
उपराष्ट्रपति ने हाल में अपनी उत्तराखंड यात्रा के दौरान खंडूरी से हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने लोकसभा में पूर्व सहकर्मियों के रूप में अपने संबंधों को सुखद ढंग से याद किया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने छत्तीसगढ़ दौरे से लौटने के बाद खंडूरी के निवास पर गए और उनके प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की । मुख्यमंत्री ने उनके निधन को उत्तराखंड की ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति बताया ।
धामी ने कहा कि उन्होंने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्धितीय उदाहरण प्रस्तुत किया ।
उन्होंने कहा, ''सार्वजनिक जीवन में भी उन्होंने उत्तराखंड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई । उन्होंने प्रदेश हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर विकास को नई दिशा प्रदान की ।''
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सादगी, स्पष्टवादिता और कार्यकुशलता सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी । उन्होंने कहा, ''उनका निधन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है ।''
पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने खंडूरी के आवास पर पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए । खंडूरी के निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए रावत ने कहा कि वह एक सैनिक के रूप में जितने शानदार थे, उतने ही शानदार एक व्यक्ति थे और एक सांसद, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में भी रहे तथा उन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन बहुत शान तथा गौरव से किया । रावत ने कहा, ''वह अजातशत्रु व्यक्तित्व थे ।''
रावत के साथ पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी खंडूरी की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा कहा कि एक सैनिक, सांसद, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने हमेशा अनुशासन, सादगी और राष्ट्रसेवा की मिसाल पेश की ।
भाषा दीप्ति राजकुमार
राजकुमार
1905 1910 देहरादून