हमें ट्विशा शर्मा के दूसरे पोस्टमार्टम पर कोई एतराज़ नहीं है: भोपाल पुलिस आयुक्त
वैभव
- 20 May 2026, 02:55 PM
- Updated: 02:55 PM
भोपाल, 20 मई (भाषा) भोपाल के पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने बुधवार को कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश की बहू ट्विशा शर्मा के दूसरे पोस्टमार्टम पर पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है। ट्विशा पिछले सप्ताह यहां अपने ससुराल के घर में फंदे से लटकी मिली थीं।
भोपाल की एक अदालत ने मंगलवार को 33 वर्षीय ट्विशा की मौत के मामले से जुड़ी केस डायरी तलब की। नोएडा निवासी ट्विशा के परिजनों ने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए एम्स दिल्ली में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग संबंधी अर्जी दायर की है।
ट्विशा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। पुलिस ने पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु तथा प्रताड़ना का मामला दर्ज किया है।
कुमार ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''मृतका के परिजन मुझसे मिले और उन्होंने एक आवेदन दिया। मैंने उनसे कहा कि दूसरे पोस्टमार्टम पर पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है।'' हालांकि यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका कि परिजनों ने आवेदन कब सौंपा।
उन्होंने कहा कि दोबारा पोस्टमार्टम की मांग वाला आवेदन केस डायरी के साथ संलग्न कर दिया गया है, लेकिन इसकी अनुमति देने का अधिकार अदालत के पास है।
पुलिस आयुक्त ने कहा, ''पुलिस को इससे कोई एतराज नहीं है। यदि दूसरा पोस्टमार्टम होता है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। हमने अपनी जांच की है और साक्ष्यों की पड़ताल की है। इन चीजों में थोड़ा समय लगता है।''
कुमार ने बताया कि ट्विशा के पति और अधिवक्ता समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं। समर्थ और ट्विशा का विवाह दिसंबर 2025 में हुआ था।
पुलिस आयुक्त का यह बयान ऐसे समय में आया है जब न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) की अदालत मृतका के परिजनों की उस अर्जी पर केस डायरी की जांच करने वाली है, जिसमें नए सिरे से पोस्टमार्टम कराने की मांग की गई है।
परिजनों ने अपनी अर्जी में जांच में लापरवाही का आरोप लगाया है और कहा है कि ट्विशा के मृत पाए जाने के तीन दिन बाद प्राथमिकी दर्ज की गई।
अर्जी में यह भी कहा गया है कि संक्षिप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उल्लेख है कि जांचकर्ताओं ने पोस्टमार्टम के दौरान कथित फंदे के लिए इस्तेमाल वस्तु उपलब्ध नहीं कराई।
मृतका के परिजनों की ओर से पेश अधिवक्ता अंकुर पांडे ने पहले कहा था कि उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली में दूसरा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
पांडे ने कहा कि ट्विशा के माता-पिता को आशंका है कि गिरीबाला सिंह की बहन भोपाल में सर्जन हैं और यदि दूसरा पोस्टमार्टम शहर में हुआ तो वह उसे प्रभावित कर सकती हैं।
उन्होंने दावा किया कि पहला पोस्टमार्टम किए जाने के दौरान उक्त सर्जन को एम्स भोपाल के आसपास देखा गया था।
ट्विशा के परिजन लगातार दूसरे पोस्टमार्टम की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मृतका के शरीर पर चोट के निशानों का उल्लेख प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं किया गया।
गिरीबाला सिंह ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि वह शवगृह गई थीं, जहां ट्विशा के परिजनों ने कथित तौर पर उनका पीछा किया।
परिजनों ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि दबाव और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद उनका कर्तव्य, साहस और न्याय के मूल्यों पर विश्वास कायम है।
बयान में कहा गया, ''यदि आरोपी वास्तव में पूरी पारदर्शिता और अपनी बेगुनाही पर भरोसा रखते हैं, तो एम्स दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में स्वतंत्र चिकित्सकीय परीक्षण को लेकर हिचकिचाहट या चुप्पी क्यों है?''
उन्होंने कहा, ''अपनी बेटी को खो चुका एक शोकाकुल परिवार केवल सच्चाई, वैज्ञानिक स्पष्टता और संदेह से परे जांच की मांग कर रहा है। जब एक युवती खुद अपनी बात कहने के लिए जीवित नहीं है, तब हर अनुत्तरित सवाल परिवार के दर्द को और बढ़ाता है तथा प्रक्रिया में जनता के विश्वास को कमजोर करता है।''
बयान में कहा गया कि स्वतंत्र समीक्षा से निर्दोष लोगों को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि न्याय व्यवस्था में भरोसा मजबूत होगा और जांच को लेकर उठ रहे संदेह दूर होंगे।
मामले में दहेज प्रताड़ना, मारपीट और सबूत नष्ट करने के आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है।
भाषा दिमो मनीषा वैभव
वैभव
2005 1455 भोपाल