हैदराबाद पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर 66 लोगों को पकड़ा
माधव
- 20 May 2026, 06:56 PM
- Updated: 06:56 PM
हैदराबाद, 20 मई (भाषा) 'फर्जी' सिम कार्ड नेटवर्क के खिलाफ देशव्यापी कार्रवाई के तहत हैदराबाद पुलिस ने 66 लोगों को पकड़ा है। यह सभी सामूहिक रूप से देशभर में साइबर अपराध के 76 मामलों से जुड़े हैं। इन मामलों में 101.87 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी शामिल है।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, हैदराबाद शहर पुलिस के साइबर अपराध थाने (सीसीपीएस) ने 'ऑपरेशन ऑक्टोपस 3.0' शुरू किया है। इससे पहले उसने 'म्यूल' खाताधारकों को निशाना बनाने के लिए 'ऑपरेशन ऑक्टोपस 1.0' और साइबर धोखाधड़ी को बढ़ावा देने वाले बैंक अधिकारियों के खिलाफ 'ऑपरेशन ऑक्टोपस 2.0' शुरू किया था।
'ऑपरेशन ऑक्टोपस 3.0' का उद्देश्य देश भर में संगठित साइबर अपराधियों को गोपनीयता प्रदान करने वाले 'फर्जी' सिम नेटवर्क को नष्ट करना है।
विज्ञप्ति के मुताबिक, 'फर्जी सिम' का मतलब ऐसे मोबाइल कनेक्शन से है जिन्हें अनजान या शोषित उपभोक्ताओं के नाम पर धोखाधड़ी से सक्रिय किया जाता है। साइबर धोखेबाज़ अपनी पहचान छिपाने के लिए मुख्य संचार उपकरण के रूप में इन्हीं सिम कार्ड का उपयोग करते हैं।
हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वी सी सज्जनार ने कहा कि इस नेटवर्क की पहचान कर इसे पूरी तरह से नष्ट करना ही 'ऑपरेशन ऑक्टोपस 3.0' का मुख्य उद्देश्य था।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत साइबर अपराध थाने में दर्ज मामलों से जुड़े 1,194 फर्जी सिम कार्ड की पहचान की गई। इसके बाद, हाल ही में लगातार सात दिनों तक चले अभियान के दौरान देश के 13 राज्यों में पुलिस की 18 टीम तैनात की गईं।
हैदराबाद में विशेष कार्यबल ने 544 अवैध सिम कार्ड जब्त किए हैं, जिनमें से 432 का उपयोग साइबर अपराध के लिए किया जाना था।
पुलिस ने 44 फर्जी सिम धारकों, 20 'पीओएस एजेंट' और दो आपूर्तिकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि अब फर्जी सिम नेटवर्क पर ध्यान केंद्रित करने के साथ ही हैदराबाद शहर पुलिस दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) एयरटेल, जियो और वोडाफोन आइडिया के अधिकारियों के साथ बैठकें आयोजित करेगी।
पुलिस आयुक्त के अनुसार, टीएसपी से यह अपेक्षा की जाएगी कि वे अपने वितरण नेटवर्क के भीतर फर्जी सिम की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए नगर पुलिस के साथ मिलकर कड़े नियम व प्रोटोकॉल तैयार करें।
उन्होंने कहा कि पुलिस इस संबंध में दूरसंचार विभाग, नियामक ट्राई और अन्य सार्वजनिक हितधारकों से भी संपर्क करेगी।
भाषा प्रचेता माधव
माधव
2005 1856 हैदराबाद