दहेज हत्या मामला: पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को बयान दर्ज कराने के लिए अंतिम नोटिस दिया
गोला
- 22 May 2026, 12:58 AM
- Updated: 12:58 AM
भोपाल, 21 मई (भाषा) मध्यप्रदेश पुलिस ने दहेज के लिए कथित तौर पर उत्पीड़न के कारण त्विषा शर्मा की मौत के मामले में उसकी सास एवं पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को बयान दर्ज कराने के लिए तीसरा और अंतिम नोटिस जारी किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
एक आधिकारिक परिपत्र में कहा गया है कि मध्यप्रदेश सरकार ने यह तय करने के लिए जांच शुरू कर दी है कि क्या सिंह उपभोक्ता अदालत के अध्यक्ष के रूप में बनी रह सकती हैं।
भोपाल के पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने फोन पर 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''उन्हें (बयान दर्ज करने के लिए) तीसरा और आखिरी नोटिस जारी किया गया है। अगर वह सहयोग नहीं करती हैं तो हम उनकी जमानत रद्द करने के लिए सत्र अदालत का रुख करेंगे।''
पुलिस सूत्रों ने बताया कि उन्हें इस मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस पोस्ट और व्हाट्सऐप के जरिए दिया गया था।
सूत्रों ने कहा कि पिछले दो मौकों पर जब नोटिस दिए गए थे, तो वह अपने आवास पर नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों को बयान दर्ज करने के लिए अदालत में नहीं बुलाया जाता है और घर पर ही बयान दर्ज किया जाता है।
इस बीच, त्विषा शर्मा के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दिए जाने को चुनौती देते हुए जबलपुर में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की प्रधान पीठ के समक्ष एक याचिका दायर की गई है।
पांडे ने कहा, "हम इस आधार पर जमानत का विरोध करेंगे कि अधीनस्थ अदालत ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 की धारा 118 के तहत दहेज हत्या के मामलों में अनुमान लगाने से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्यों और प्रावधानों की अनदेखी की।"
इसी से जुड़े एक घटनाक्रम में, पुलिस की टीम पूरे मध्यप्रदेश और राज्य के बाहर त्विषा के पति समर्थ सिंह का पता लगाने के लिए रवाना हो गई हैं, जो अब भी फरार है।
पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 30,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
समर्थ सिंह के ठिकाने के बारे में सुराग मिलने से संबंधित एक सवाल पर कटारा पुलिस थाने के प्रभारी (एसएचओ) सुनील दुबे ने कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया।
त्विषा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में मृत पाई गईं थीं। उसके परिवार ने ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया, जबकि सिंह परिवार ने दावा किया कि वह नशे की आदी थी।
पुलिस ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 (2), 85 और 3 (5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
भाषा ब्रजेन्द्र गोला
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2205 0058 भोपाल