कांग्रेस नेता तिरुवनचूर राधाकृष्णन केरल विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए
वैभव
- 22 May 2026, 01:59 PM
- Updated: 01:59 PM
तिरुवनंतपुरम, 22 मई (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तिरुवनचूर राधाकृष्णन शुक्रवार को केरल की 16वीं विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए।
राधाकृष्णन को 101 वोट मिले। प्रोटेम स्पीकर (अस्थायी अध्यक्ष) जी. सुधाकरन ने वोट नहीं डाला।
राधाकृष्णन के अलावा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) के उम्मीदवार ए सी मोइदीन और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बी बी गोपकुमार भी इस पद की दौड़ में थे। हालांकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) को 140 सीट वाली विधानसभा में 102 सदस्यों का बहुमत प्राप्त है।
मोइदीन को 35 वोट मिले और गोपकुमार को तीन वोट मिले।
विधानसभा में एलडीएफ के 35 और भाजपा के तीन सदस्य हैं।
सुधाकरन ने कहा, ''तिरुवनचूर राधाकृष्णन एक अनुभवी नेता हैं जिन्हें राजनीति और निर्वाचन क्षेत्र का व्यापक अनुभव है। वह पूर्व में गृह मंत्री रह चुके हैं। वह बेहद सरल हैं और सभी के लिए सहजता से उपलब्ध रहते हैं।''
उन्होंने कहा, ''उन्हें केरल की 16वीं विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित घोषित किया जाता है। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। अस्थायी अध्यक्ष के रूप में मेरा कार्य समाप्त हो गया है और मैं सदन के सभी सदस्यों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद देता हूं।''
अध्यक्ष चुने जाने के बाद सभी विधायक राधाकृष्णन के पास गए और उन्हें बधाई दी।
इसके बाद मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने राधाकृष्णन का हाथ थामकर उन्हें उनके आसन तक पहुंचाया। इस दौरान विपक्ष के नेता पिनराई विजयन भी उनके साथ मौजूद थे।
राधाकृष्णन को गले लगाने के बाद सुधाकरन आसन से उतरकर सदन में अपनी सीट पर चले गए।
राधाकृष्णन के अध्यक्ष का पद संभालने के बाद सतीशन ने उन्हें बधाई दी।
सदन में अपने बधाई भाषण में सतीशन ने कहा कि राधाकृष्णन को विधानसभा में तीन दशकों का अनुभव है।
मुख्यमंत्री ने केरल की राजनीतिक में वरिष्ठ कांग्रेस नेता के वर्षों के अनुभव का भी जिक्र किया, जिसमें उनके छात्र नेता के दिनों से लेकर मंत्री के रूप में विभिन्न विभागों का कार्यभार संभालना शामिल है।
विजयन ने भी राधाकृष्णन को बधाई दी और उनके राजनीतिक एवं प्रशासनिक अनुभव के बारे में सतीशन की टिप्पणियों से सहमति जताई।
विपक्ष के नेता ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अध्यक्ष सदन के संरक्षक और विधानसभा की सामूहिक आवाज के रूप में कार्य करेंगे।
विजयन ने कहा, ''अध्यक्ष विपक्ष की आवाज को स्वीकार करके ही सदन की सामूहिक आवाज बन सकते हैं। विपक्ष को पूरा विश्वास है कि नव निर्वाचित अध्यक्ष लोकतांत्रिक तरीके से कार्य करेंगे।''
उन्होंने अध्यक्ष को विपक्ष की ओर से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
इनके अलावा, उद्योग मंत्री पी.के. कुन्हालीकुट्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) नेता के. राजन और भाजपा विधायक राजीव चंद्रशेखर सहित अन्य सदस्यों ने भी राधाकृष्णन को बधाई देते हुए सदन को संबोधित किया।
केरल के कोट्टायम जिले के तिरुवनचूर के रहने वाले राधाकृष्णन (76) ने अखिल केरल बालजनशाख्यम में एक छात्र कार्यकर्ता के रूप में अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया और फिर 1960 के दशक में उन्होंने कांग्रेस के छात्र संगठन केरल छात्र संघ (केएसयू) का नेतृत्व किया।
इसके बाद वह कांग्रेस की युवा शाखा, युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने और कई वर्षों तक केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) में महासचिव के पद पर रहे।
राधाकृष्णन पहली बार 1991 में अडूर से विधायक चुने गए और उन्होंने 2006 तक तीन बार इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
वह 2011 से विधानसभा में कोट्टायम निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
कांग्रेस के इस वरिष्ठ नेता ने यूडीएफ की विभिन्न सरकारों में गृह, राजस्व, वन, स्वास्थ्य, संसदीय कार्य, सड़क परिवहन और पर्यावरण सहित 17 मंत्री पदों पर भी कार्य किया है।
यूडीएफ ने राधाकृष्णन की उम्मीदवारी की घोषणा कुछ दिन पहले ही कर दी थी जबकि विपक्षी मोर्चों ने बृहस्पतिवार को आधिकारिक तौर पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित किए।
भाषा सुरभि वैभव
वैभव
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