राष्ट्रपति के अभिभाषण में आदिवासियों की समस्याओं का कोई जिक्र नहीं: तृणमूल
ब्रजेन्द्र अविनाश
- 02 Jul 2024, 07:34 PM
- Updated: 07:34 PM
नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के सदस्य प्रकाश चिक बाराईक ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में आदिवासी समुदाय की समस्याओं का कोई उल्लेख नहीं है जिसका उन्हें दुख है।
उन्होंने कहा, ‘‘आदिवासी समुदाय की एक भी समस्या का उल्लेख नहीं है जबकि राष्ट्रपति खुद आदिवासी समुदाय से हैं। एक आदिवासी होने के नाते मुझे इससे दुख हुआ।’’
उन्होंने कहा कि चाय की चर्चा देश में खूब होती हे लेकिन चाय मजदूरों की कोई चर्चा नहीं होती है। उन्होंने सबसे पहले 1951 के संशोधन कानून को बदले जाने की मांग की।
उन्होंने कहा, ‘‘चाय का उत्पादन करने वाली 99 प्रतिशत आबादी आदिवासी है। 11 राज्यों में चाय का उत्पादन होता है लेकिन चाय बागानों के मजदूरों की हालत को सुधारने की दिशा में कोई काम नहीं किया गया।’’
बाराईक ने कहा कि पश्चिम बंगाल के केंद्रशासित चार चाय बागानों में मजदूरों को कई महीने से वेतन और अन्य भत्ते नहीं मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। चाय बागानों के मजदूरों के हित में केंद्र कुछ नहीं कर रहा है।’’
उन्होंने बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरा और कहा कि हर साल दो करोड़ नौकरियां का वादा किया था लेकिन आज स्थिति है कि बेरोजगारी बढ़ती ही जा रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘बेरोजगारी के कारण युवा मानसिक बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं और उनका आत्मविश्वास टूट रहा है। ऊपर से परीक्षा के पेपर लीक हो रहे हैं।’’
नीट पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे युवाओं के सपने बिखर रहे हैं और छात्रों को अपना भविष्य अंधकारमय दिख रहा है।
उन्होंने पेपर लीक के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग की।
शिव सेना की प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि जनता ने उत्तर प्रदेश से लेकर महाराष्ट्र तक, अयोध्या से लेकर नासिक तक, कौशल्यापुत्र भगवान श्री राम और देवकीनंदन श्री कृष्ण के आशीर्वाद से भाजपा को सबक सिखाया है।
माकपा के ए ए रहीम माकपा ने अग्निपथ योजना को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने महात्मा गांधी के नाम पर शौचालय बनवाए लेकिन उसने गांधी के धर्मनिरपेक्ष भारत के सपने को ध्वस्त किया है।’’
द्रविड़ मुनेत्र कषगम के केआरएन राजेश कुमार ने तमिल और वाईएसआर कांग्रेस के रायगा कृष्णैया ने तेलुगू में अपनी बात रखी।
भाषा ब्रजेन्द्र