बांधवगढ़ अभयारण्य: बाघ के हमले में महिला की मौत, नाराज ग्रामीणों की वनकर्मियों के साथ मारपीट
अमित
- 24 May 2026, 01:15 PM
- Updated: 01:15 PM
उमरिया (मध्यप्रदेश), 24 मई (भाषा) मध्यप्रदेश के उमरिया जिला स्थित विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य क्षेत्र में एक बाघ ने रविवार तड़के ग्रामीणों पर हमला कर दिया, जिससे एक महिला की मौत हो गई जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। वन विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि यह घटना अभयारण्य के पनपथा रेंज अंतर्गत पनपथा गांव में तड़के करीब 3 बजे हुई।
इस बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने महिला की मृत्यु और कुछ ग्रामीणों के घायल होने पर शोक जताया।
शोकाकुल परिजन के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "हमले में मृतक के परिजन को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा घायलों के निःशुल्क उपचार एवं आवश्यक मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।"
बाघ के इस हमले में जान गंवाने वाली महिला की पहचान पहलू पाल की पत्नी फूल बाई पाल (40) के रूप में हुई है।
घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने वनविभाग के कुछ कर्मचारियों के साथ कथित रूप से मारपीट भी की।
ग्रामीणों ने वन अधिकारियों पर बार-बार मदद की गुहार लगाने के बावजूद तुरंत प्रतिक्रिया देने में विफल रहने का आरोप लगाया और दावा किया कि बाघ अभी भी पास में घूम रहा है।
गुस्साए ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के कारण बचाव अभियान शुरू करने के प्रयासों में देरी हुई।
बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने मौके पर पहुंचने के बाद 'पीटीआई-भाषा' से बातचीत में कहा, "बाघ ने एक महिला की जान ले ली और तीन से चार लोगों को घायल कर दिया।"
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया।
सहाय ने कहा, "हम शव को गांव से बाहर ले जाने और बाघ को वापस सुरक्षित क्षेत्र में ले जाने का प्रयास शुरू करने के लिए जिला प्रशासन के साथ बातचीत कर रहे हैं।"
उन्होंने यह पुष्टि की कि ग्रामीणों ने वन कर्मचारियों को घेर लिया है और कुछ के साथ मारपीट भी की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि खेरवा टोला इलाके में हुए बाघ के इस हमले में दशइया पाल सहित चार अन्य लोग घायल हो गए।
बाद में वन टीम ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।
सूत्रों ने बताया कि घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने पनपठा रेंजर प्रतीक श्रीवास्तव के साथ कथित तौर पर मारपीट की, जिससे वह घायल हो गए।
पुलिस ने बताया कि बाघ के बार-बार होने वाले हमलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने एक महिला रेंजर अंजू वर्मा के साथ कथित तौर पर हाथापाई की और उन्हें कथित तौर पर बंधक बना लिया।
कांग्रेस नेता और जनपद पंचायत सदस्य रोशनी सिंह धुर्वे गांव पहुंचीं और ग्रामीणों को शांत करने और वन अधिकारियों को सुरक्षित रिहा कराने की कोशिश की।
पनपथा वन उपसंभागीय अधिकारी भूरा गायकवाड़ ने बताया कि इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई है और इसे नियंत्रण में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि गांव में पुलिस सुरक्षा तैनात कर दी गई है।
एक अन्य घटना में महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में शुक्रवार सुबह बाघ के हमले में तेंदू-पत्ता इकट्ठा करने वाली चार महिलाओं की मौत हो गई।
भाषा सं ब्रजेन्द्र
अमित
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