भारतीय वायुसेना प्रमुख ने सैन्य क्षमता के विकास में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया
सुभाष
- 24 May 2026, 03:53 PM
- Updated: 03:53 PM
बेंगलुरु, 24 मई (भाषा) भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने मजबूत और स्वदेशी सैन्य क्षमताओं के विकास के लिए आत्मनिर्भरता को एक रणनीतिक आवश्यकता बताया है।
वह शनिवार को यहां 48वें उड़ान परीक्षण पाठ्यक्रम के पूरा होने के अवसर पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे।
बेंगलुरु में 48वें उड़ान परीक्षण पाठ्यक्रम के 11 परीक्षण पायलटों और छह उड़ान परीक्षण अभियंताओं ने 48 सप्ताह के कठोर बहुविषयक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद वायुसेना परीक्षण पायलट स्कूल (एएफटीपीएस) से स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस वर्ष स्नातक पाठ्यक्रम में 17 अधिकारियों का समूह शामिल हुआ। इनमें से भारतीय वायुसेना के 14 अधिकारी, भारतीय सेना का एक अधिकारी और भारतीय नौसेना के दो अधिकारी शामिल हैं।
ये स्नातक उपाधि धारी विमान और प्रणाली परीक्षण प्रतिष्ठान के विमानन विंग में शामिल होंगे, जो भारतीय वायुसेना की प्रमुख इकाइयों में से एक है।
बयान में कहा गया है, ''स्वदेशी सैन्य क्षमताओं के विकास के लिए 'आत्मनिर्भरता' को एक रणनीतिक आवश्यकता बताते हुए सिंह ने स्वदेशीकरण अभियान को बढ़ावा देने और एयरोस्पेस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए परीक्षण दल पर आने वाली भारी जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला।''
वायुसेना प्रमुख ने उपकरणों की सुरक्षा और गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए 'डिजाइन से डिलीवरी' तक की प्रक्रिया को अनुकूल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए पेशेवर दक्षता के महत्व पर बल दिया कि विमान और प्रणालियां सेवाओं की परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करें, साथ ही अधिकारियों से ईमानदारी, सत्यनिष्ठा, सटीकता और उत्कृष्टता के गुणों को बनाए रखने का आग्रह किया।
उन्होंने स्नातक की उपाधि हासिल करने वाले अधिकारियों को निरंतर लगन से मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्हें भारतीय सशस्त्र बलों के क्षमता निर्माण और आधुनिकीकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाई।
सिंह 17वें उड़ान परीक्षण पाठ्यक्रम के पूर्व छात्र हैं। सिंह ने सभी उत्तीर्ण अधिकारियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को ट्राफियां प्रदान कीं।
इस वर्ष, सर्वश्रेष्ठ 'ऑल-राउंड' छात्र परीक्षण पायलट के लिए प्रतिष्ठित 'सुरंजन दास ट्रॉफी' स्क्वाड्रन लीडर के.के. सिंह को प्रदान की गई, जबकि उड़ान मूल्यांकन में सर्वश्रेष्ठ छात्र परीक्षण पायलट के लिए 'चीफ ऑफ द एयर स्टाफ ट्रॉफी' स्क्वाड्रन लीडर आदित्य जमदग्नि को प्रदान की गई।
सर्वश्रेष्ठ 'ऑल-राउंड' छात्र विमान परीक्षण इंजीनियर के लिए 'महाराजा हनुमंत सिंह तलवार' विंग कमांडर अभिनव कुमार को प्रदान की गई।
उड़ान मूल्यांकन में सर्वश्रेष्ठ 'ऑल-राउंड' छात्र उड़ान परीक्षण इंजीनियर के लिए विंग कमांडर प्रणव शर्मा को 'डनलप ट्रॉफी' से सम्मानित किया गया, और 'कपिल भार्गव ट्रॉफी' स्क्वाड्रन लीडर पारस शर्मा को प्रदान की गई।
भाषा संतोष सुभाष
सुभाष
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